CORONA AUSTERITY : कोरोना और मंदी का डबल अटैक, महाराष्ट्र मे कटेगा कर्मचारियों का वेतन

वैश्विक महामारी कोरोना से दुनिया में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है । दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है वहीं भारत में भी कोरोना का असर दिखने लगा है । बाजार , प्राइवेट संस्थान , रेलवे , ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद हैं । शेयर बाजार भारी मंदी के दौर गुजर रहा है । इन सब के बीच कुछ राज्यों की सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का ऐलान करना शुरू कर दिया है ।
कोरोना महासंकट को देखते हुए मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का ऐलान किया । देखा जाए तो महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा कोहराम मचा हुआ है। यहां लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

महाराष्ट्र में कोरोना और मंदी की मार

महाराष्ट्र में कोरोना की वजह से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आर्थिक राजधानी में बैठे सीएम कोरोना से भारी दबाव में हैं क्योंकि राज्य में लॉकडाउन से बंदी और मंदी से उद्धव ठाकरे की परेशानी बढ़ गई है। भले केंद्र सरकार ने भले ही प्राइवेट सेक्टर से अपील की है कि कोरोना की वजह से कर्मचारियों के वेतन में कटौती ना की जाए, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का ऐलान कर दिया है । राज्य के वित्तमंत्री अजीत पवार ने मंगल वार को इसकी घोषणा की

वेतन में 25 से 60 फीसदी की कटौती

अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन में 25 से 60 फीसदी की तक कटौती की जाएगी । उन्होंने कहा कि डी ग्रेड के कर्मचारियों को वेतन में कोई कटौती नहीं होगी । छोटे पवार ने इस बारे मे डिटेल में बताया और कहा कि ग्रेड और ग्रेड बी के कर्मचारियों के वेतन में 50 फीसदी वहीं ग्रेड सी के कर्मचारियों के वेतन में 25 फीसदी की कटौती की गई है । पवार ने मार्च के वेतन कटौती के आदेश संबंध कार्यालय को भेज दिया है ।

सीएम और एमएलए के वेतन में भी कटौती

बता दें कि महाराष्ट्र मे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार हैं । लेकिन अजीत पवार ने कहा कि इस संकट की घड़ी में कोई अछूता नहीं है । ऐसे मुख्यमंत्री से लेकर सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के वेतन में कटौती किया जा रहा है जिसका आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ विधायक, एमएलसी के मार्च के वेतन में 60 फीसदी की कटौती की गई है ।

तेलंगाना भी कर चुका है कटौती

बता दें कि महाराष्ट्र से पहले तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव ने भी अपने राज्य में कर्मचारियों के वेतन में 75 फीसदी कटौती का ऐलान कर चुके है । इतना ही नहीं उन्होंने तो अपने रिटायर्ड कर्मचारियों और अधिकारियों की पेंशन राशि में 50 फीसदी की कटौती के आदेश दिए हैं । रिटार्यड ग्रुप डी के कर्मचारी के पेंशन से 10 फीसदी काट ली जाएगी ।

महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र की पैकेज की मांग

महाराष्ट्र के वित्तमंत्री अजीत पवार ने संकट के दौर से गुजर रहे महाराष्ट्र के लिए 25 हजार करोड़ के पैकेज की मांग की है । उन्होंने कहा कि केंद्र इस पैकेज को देकर राज्य के आर्थिक हालात में सहयोग करेंगी ।

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