कोरोना ने बदली परंपरा, सादगी से खुले बाबा केदारनाथ के कपाट-पूजा में सिर्फ 16 लोग

उत्तराखंड में केदरनाथ धाम के कपाट आज से 6 महीने के लिए खोल दिये गये है. पूरे विधिविधान और सदियों से आ रही परंपराओं का पालन करते हुए ग्रीष्मकाल के लिए बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए. अगले छह महीने तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी।

पूजा में सिर्फ 16 लोग

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय पूजा में पुजारी समेत सिर्फ 16 लोग ही शामिल हुए। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा गया. यूं तो केदारनाथ के कपाट खुलने के वक्त हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते इस मौके पर कुछ ही लोग मौजूद रहे.

पीएम मोदी के नाम से पहली पूजा

केदारनाथ मंदिर में पुजारियों ने बुधवार सुबह 3 बजे से ही पूजा शुरु कर दी थी लेकिन मंदिर के पट सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर खोले गए. इस दौरान केदारनाथ मंदिर के रावल मौजूद नहीं थे क्योंकि वो महाराष्ट्र से आने के कारण क्वारंटाइन में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धाम में सबसे पहले पीएम मोदी के नाम से पूजा की गई.

विधिविधान से हुई पूजा

उत्तराखंड में मौजूद यह एक हजार साल पुराना मंदिर हर साल सर्दियों के 6 महीने बंद रहता है. आज सुबह जब मंदिर के कपाट खोले गए तो सबसे पहले मुख्य पुजारी ने भगवान केदार की डोली की पूजा की जिसके बाद बाबा को भोग लगाया गया और फिर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खोलकर डोली का मंदिर में प्रवेश कराया गया. इसके बाद पुजारियों ने मंदिर की साफ सफाई की.

बदल गई परंपराएं

हर बार पूजा और भोग के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोला जाता है लेकिन इस बार कोरोना के चलते यहां भक्तों के आने पर मनाही है इसलिए यात्रा से जुड़ी परंपराओं को इस बार बदलना पड़ा, मंदिर के रावल ऊखीमठ में हैं जो क्वारंटीन खत्म होने के बाद 3 मई को केदारनाथ पहुंचेंगे. इस बार बाबा केदार की डोली भी सिर्फ 2 दिन में ऊखीमठ से केदारनाथ पहुंच गई और उसे गाड़ी से लाया गया. हम आपको बता दें कि इससे पहले सिर्फ इमरजेंसी के दौरान ऐसा हुआ था.

चारधाम की यात्रा पर सस्पेंस

केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी को शुभकामनाएं दी हैं.

हालांकि कोरोना के कारण देशभर में जारी लॉकडाउन का प्रभाव चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है ये यात्रा होगी भी या नहीं इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है. पिछले साल 32 लाख लोगों ने चारधाम की यात्रा की थी.

3 धाम के कपाट खुले

वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड के चार में से तीन धामों के कपाट खुल गये हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के मौके पर 26 अप्रैल को पहले ही खुल चुके हैं जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खुलेंगे।

केदारघाटी में पसरा सन्नाटा

कोरोना संक्रमण ने इस साल केदारनाथ यात्रा को परंपराओं तक समेटकर रख दिया है। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारघाटी के बाजारों और धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारोबार पूरी तरह से चौपट हो चुका है, यात्रा में फूल, पूजा-सामग्री, प्रसाद, चाय की दुकान, ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला, पार्किंग, वगैरह से लाखों-करोड़ों का कारोबार होता आया है, लेकिन इस बार सब सूना-सूना है. यहां के लोग इस यात्रा के जरिए ही अपनी साल भर की रोजी रोटी का इंतजाम करते हैं.

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