पुलवामा हमले के हमलावरों का मददगार गिरफ़्तार:जैश के आतंकियों को शरण देने का आरोप

14 फरवरी 2919 को देश को दहलाने वालों के मददगार को एनआईए ने शुक्रवार को गिरफ़्तार कर लिया । शाकिर बसरे मगरे नाम का यह आतंकी पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर हमले के आरोपियों में शामिल रहा है । इसने जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को अपने घर मे शरण दी थी । उसे हमले और अन्य दूसरे हथियार भी उपलब्ध कराया था ।

पूछताछ में कबूला अपना जुर्म

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि शाकिर ने आतंकी गतिविधियों में अपनी भूमिका स्वीकार की है । उसने बताया कि नवंबर 2018 से लेकर 14 फरवरी 2019 के हमले तक उसने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार और पाक आतंकी उमर फारूक को अपने घर मे शरण दी थी । इनलोगों को हमले का पूरा साजो सामान भी उपलब्ध कराया था ।

हमले में 350 किलो विस्फोटक का किया था इस्तेमाल

350 किलो लदे विस्फोटकों से पुलवामा के गौरीपुरा गांव के पास अपनी कार को सीआरपीएफ के काफ़िले की एक बस से टकरा दिया था । इस जानलेवा टक्कर से 44 जवान शहीद हो गए थे । पुलवामा हमला बीते 30 सालों के सबसे बड़ा आत्मघाती हमला था । इस हमले की जिम्मेवारी पाक आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली थी । इस हमले को आदिल अहमद डार ने ही अंज़ाम दिया था ।

भारत का बदला, किया था भीषण सर्जिकल स्ट्राइक

इस हमले के बाद देश भर में जबरदस्त आक्रोश पैदा हो गया था ।पाकिस्तान से बदले की भावना ज़ोर पकड़ने लगी थी । 26 फ़रवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जबरदस्त एयर स्ट्राइक कर आतंकियों को नेस्तनाबूद कर दिया था ।

पुलवामा एयर स्ट्राइक

27 फरवरी को पाकिस्तान ने भारत को ज़वाब देने की कोशिश की , ज़वाब में विंग कमांडर अभिनन्दन ने मिग 29 विमान से पाकिस्तानी फाइटर प्लेन F- 16 के परखच्चे उड़ा दिए थे ।
पाकिस्तानी विमान का पीछा करते हुए अभिनन्दन का विमान पाक के हवाई सीमा में जाकर क्रैश हो गया था । इसके बाद विंग कमांडर अभिनन्दन को पाकिस्तान ने अपने कब्ज़े में कर लिया था । बाद में भारत के कूटनीतिक दबाव से पाकिस्तान ने कैप्टन अभिनन्दन को 1 मार्च 2019 को रिहा कर दिया था ।

विंग कमांडर अभिनन्दन

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