J&K में आतंक से एक और जिला आजाद, टेरर फ्री हुआ कश्मीर का डोडा जिला

धरती की जन्नत में आतंक से एक और शहर आजाद हो चुका है। त्राल के बाद जम्मू-कश्मीर का डोडा जिला आतंकी मुक्त घोषित कर दिया गया है। ये ऑपरेशन ऑल आउट का ही नतीजा है कि अब एक-एक कर कश्मीर के जिलों को टेरर फ्री किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने ऐलान कर दिया कि अब डोडा आतंक मुक्त हो चुका है।

ऑपरेशन ऑल आउट से आतंक का काम तमाम

कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑलआउट का असर दिखने लगा है। अब जम्मू से लेकर कश्मीर में आतंकियों का नामो निशान मिटने लगा है। एक एक जिला अब दहशत से आजाद होने लगा है। त्राल के बाद अब जम्मू जोन का डोडा आतंकियों से मुक्त हो गया है। इसका ऐलान खुद डीजीपी दिलबाग सिंह ने किया।

आतंक के ताबूत में आखिरी कील

डीजीपी दिलबाग सिंह ने डोडा में आतंकियों के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का ऐलान करते हुए कहा कि अनंतनाग के खुल चोहार इलाके में सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर कर दिए गए। इनमें लश्कर का जिला कमांडर समेत दो आतंकी शामिल है। मुठभेड़ में हिज्बुल का कमांडर मसूद भी मारा गया। इस मुठभेड़ के बाद जम्मू जोन का डोडा जिला आतंकियों से पूरी तरह मुक्त हो गया है।

पुलिस के मुताबिक आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के बाद सुरक्षा बलों ने दक्षिणी कश्मीर जिले के खुल चोहार में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चला। आतंकवादियों के सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाने के बाद अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। मौके से सुरक्षा बलों को 1 एके-47 राइफल और दो पिस्टल बरामद हुई है।

बलात्कार के आरोपी ने थामा था आतंक का हाथ

पुलिस के मुताबिक डोडा का रहने वाला मसूद बलात्कार के मामले में आरोपी था और वो तब से फरार चल रहा था। मसूद ने बाद में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को ज्वाइन कर लिया, जो बाद में डोडा के आसपास सक्रिय हो गया था। लेकिन सुरक्षा बलों की नजरों से वो बच नहीं पाया और आखिरकार उसे आज तड़के घेरकर मौत के घाट उतार दिया गया।

त्राल पहले ही आतंक से मुक्त

सिर्फ डोडा ही नहीं, इससे पहले आतंकियों का गढ़ कहे जाने वाले त्राल को भी दहशतगर्दों से आजाद कर दिया गया है। अब त्राल भी सुकून की सास ले रहा है। क्योंकि श्रीनगर से 45 किमी दूर त्राल से भी आतंकियों का नामो निशान मिटा दिया गया है। इस बात की पुष्टि खुद जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने हाल ही में एक मुठभेड़ के बाद की थी।

आतंक का गढ़ त्राल भी हो चुका है आतंक फ्री

आपको बता दें कि पुलवामा का त्राल ही वो इलाका है जहां मोस्ट वांटेड आतंकियों का घर रहा है। इसमें हिज्बुल के पूर्व कमांडर बुरहान वानी, जाकिर मूसा और कई मोस्ट वांटेड आतंकियों के नाम शामिल हैं। साल 2016 में जहां सेना ने बुरहान को जुलाई महीने में मार गिराया था, वहीं इसी साल जाकिर मूसा जैसे आतंकियों का भी अंत कर दिया गया। अभी तो त्राल और डोडा ट्रेलर है अभी तो पूरी पिक्चर बाकी है। क्योंकि घाटी में सेना का ऑपरेशन ऑल आउट तब तक जारी रहेगा जब तक धरती की जन्नत का कोना कोना आतंक मुक्त नहीं हो जाता।

ब्यूरो रिपोर्ट सरपट न्यूज़

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