लॉकडाउन में फंसे मजदूर, छात्र, पर्यटक जा सकेंगे घर, केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ दी छूट

कोरोना वायरस को लेकर देश में जारी लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर, तीर्थयात्री, पर्यटक और छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। गृह मंत्रालय ने देश के अलग-अलग जगहों में फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।

लॉकडाउन के 35 दिन बाद बड़ा एलान

गृह मंत्रालय ने फंसे हुए लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए लोग अपने-अपने घर जा सकेंगे। केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि दूसरे राज्यों में जाने की इजाजत सिर्फ बसों के जरीए होगी। हर राज्य बसों का इंतजाम करेंगी।

घर जाने के लिए शर्तों के साथ मिली छूट

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर भेजने के फैसले में कुछ शर्तें रखी है। केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर ले जाए जाने से पहले उनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। स्क्रीनिंग में जिन लोगों में कोरोना लक्षण नहीं पाए जाएंगे उन्हें यात्रा की अनुमति दी जाएगी। एक जगह से दूसरे जगह ले जाए जाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खयाल रखना होगा और जब लोग अपने-अपने घर पहुंचेंगे तो उन्हें होम क्वॉरन्टीन में रहना होगा।

क्या है गृह मंत्रालय की गाइडलाइन

  • राज्य और केंद्र शासित सरकार लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर भेजे जाने के लिए नोडल अथॉरिटी गठित करें
  • अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी कि वह फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन कराएं 
  • राज्य सरकारें आपसी सहमति के साथ किसी फंसे हुए समूह को उनके मूल निवास स्थान पर जाने की छूट दे सकतीं हैं।
  • फंसे हुए लोगों का मेडिकल जांच अनिवार्य होगा। कोरोना के लक्षण दिखने पर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
  • बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज कराना होगा। साथ ही बसों मेें बैठने के दौरान लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। 
  • राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए खुद रूट तय करेंगी। 
  • लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके। 
  • गंतव्य स्थान पर पहुंचते ही लोगों की जांच होगी। इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारंटीन में रहना होगा।

कई राज्योें ने मांगी थी राहत

देश के कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार से मांग की थी उनके प्रदेश के जो प्रवासी मजदूर, छात्र, पर्यटक या तीर्थयात्री लॉकडाउन की वजह से फंसे हैं उनके घर वापसी का रास्ता तैयार किया जाए। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने देश के अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए लोगों की आवाजाही के लिए नई गाइडलाइन तैयार की। नई गाइडलाइन के तहत फंसे हुए लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जा सकेगा।

10 लाख लोगों को मिलेगी राहत

एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से देशभर में फंसे करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। 

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