CORONA USA UPDATE : कोरोना ने न्यूयॉर्क को रूलाया, कचरे की थैली से हो रही कोरोना से जंग

दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। इस बीमारी ने अमीर और गरीब किसी को नहीं बख्शा है । आलम ये है कि दुनियाभर के अस्पतालों में बेड कम पड़ गए है। जैसे जैसे कोरोना वायरस सेकेंड और थर्ड फेज की तरफ बढ़ रहा है, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है ।

अभी तक कोरोना वायरस के COVID-19 का इलाज नहीं मिला है। इस वायरस को मात देने के लिए कोई दवा भी नहीं है। कई देशों में लॉकडाउन है। हर तरफ सोशल डिस्टेंसिंग की बात हो रही है। मास्क, सैनेटाइजर की कमी देखी जा रही है। ऐसे में कई देश में अमीर मुल्कों से मदद की आश लगाए बैठे हैं ।

हम आपको दिखाते है एक ऐसी तस्वीर जिसे देखकर आप सकते मे आ जाएंगे। जी हां ये तस्वीर दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की है। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में कोरोना पॉजिटिव लोगों की तादाज करीब 52 हजार से ज्यादा है । यहां अस्पताल में बेड कम पड़ गए है। एक वेंटिलेटर से चार संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। मास्क ना होने की वजह से लोग गार्वेज की थैली को मास्क के रुप में इस्तेमाल कर रहे हैं ।

इस तस्वीर को डॉक्टर मार्को गरोन ने पोस्ट की है, जिसमें 1 वेंटिलेटर पर दो मरीजों को रखा गया है।

अरबपतियों के न्यूयॉर्क में कोरोना का कहर

अमेरिका में न्यूयॉर्क सबसे अमीर शहर कहा जाता है । यह सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। न्यूयॉर्क में ही संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है। इस शहर में सौ से ज्यादा अरबपति रहते हैं । यहां इलाज की बेहतरीन सुविधा है। लेकिन चीन से फैले कोरोना ने न्यूयॉर्क में तबाही मचा रखा है। कोरोना से यहां करीब 52 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित है। अस्पताल में कोरोना की वजह से अव्यवस्था फैल चुकी है ।

अस्पताल में बेड कम पड़े

न्यूयॉर्क मे वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए पहले से तैयारी नहीं होने का असर साफ दिख रहा है । अस्पतालों में इलाज में भारी दिक्कतें आ रही है । एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि एक वेंटिलेटर का इस्तेमाल चार मरीजों के लिए किया जा रहा है। आलम ये है कि अस्पतालों में जहां भी खाली जगह मिल रही है, वहां मरीजों के लिए बेड लगाना शुरू कर दिया गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि बयान नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जबकि दुनिया को पता है कि कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज अलग-अलग होना चाहिए । चीन ने बुहान में इस बीमारी के मरीजों के लिए अलग अस्पताल बनवा लिया था ताकि मरीज एक दूसरे के संपर्क में ना आए।

न्यूयॉर्क में बुजुर्ग मरीजों की तादाद ज्यादा

न्यूयॉर्क में कोरोना से संक्रमितों मरीजों में ज्यादातर लोग बुजुर्ग है जबकि करीब 45 फीसदी मरीज की उम्र पचास साल से कम है। वहीं न्यूयॉर्क में करीब सौ लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें ज्यादातर लोगों की उम्र साठ साल के पार है। इनमें डायबिटीज, अस्थमा,बीपी और कैंसर जैसी बीमारियों के मरीज भी हैं।

न्यूयॉर्क में डॉक्टर की कमी

एक हिंदी न्यूजपपेर के मुताबिक न्यूयॉर्क में कोरोना मरीजों के इलाज में डॉक्टर कम पड़ गए हैं । इसके मद्देनजर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज ने अपने स्टूडेंट्स को समय से 3 महीने पहले ही पास करने का फैसला लिया है। इसके बावजूद ये स्टूडेंट्स एक जुलाई से ही इलाज शुरू कर पाएंगे। सरकार भी कन्वेंशन सेंटर, ऑडिटोरियम और यूनिवर्सिटी कैंपस जैसी जगहों को अस्पताल में तब्दील करने के लिए मजबूर हो गई है।

बता दें कि दुनिया में कोरोना से पीड़ितों की संख्या 6 लाख के पार हो गई है । जबकि 30 हजार लोग इस बीमारी से मर चुके है। वहीं अमेरिका में कोरोना से करीब एक लाख बीस हजार से ज्यादा लोग संक्रमित है जबकि 24 घंटे में 450 लोगों की मौत की खबर है वहीं अब तक 2200 लोगों की जान कोरोना से जा चुकी है ।

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