CORONA BREAKING : इंग्लैंड और अमेरिका में कोरोना वैक्सीन का परीक्षण, क्या किलर कोरोना से जल्द मिलेगी राहत?

दुनिया भर में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है अब तक इस जानलेवा बीमारी से 6 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं करीब तीस हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है । कोरोना की दवा का ना होने से इस बीमारी ने वैश्विक महामारी का रूप ले दिया है। हालात को देखते हुए कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया के कई लेबोरेटरी में साइंटिफिक रिसर्च चल रहा है । लेकिन इन सबके बीच अमेरिका और ब्रिटेन ने इसके वैक्सीन बनाने के दावे किए है। इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना वायरस का वैक्सीन निकालने के लिए कोशिश तेज कर दी है।

इसके लिए क्लिनिकल ट्रायल के लिए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है । इस परीक्षण के लिए यूनिवर्सिटी ने जेनर इंस्टीट्यट और ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप के साथ करार किया है । शोध के लिए 500 वॉलेंटियर्स की जरूरत सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 500 वॉलेंटियर्स की जरूरत है ताकि उन पर स्टडी किया जा सके। जिन्हें ChAdOx1 SoV-19 का इंजेक्शन दिया जाए और फिर कम्प्रेटिव स्टडी और कंट्रोल्ड इंजेक्शन देकर सेहत पर नजर रखा जाए।

वैश्विक महामारी होने की वजह से सैंपल टेस्ट भी बड़ा रखा जा रहा है। वैक्सीन पर रिसर्च कर रहे साइंटिस्ट का कहना है कि इंग्लैंड के थेम्स वैली में 18 से 55 साल के लोगों पर इस वैक्सीन की स्क्रीनिग शुरू कर दी गई है। जिसके नतीजों पर फिलहाल रखी जा रही है।

भारत में कोरोना की तस्वीर सामने आई

इससे पहले भारत के साइंटिस्ट्स ने पहली बार सार्स-सीओवी-2 वायरस (COVID-19) माइक्रोस्कोपिक तस्वीर से पर्दा हटाने में कामयाबी हासिल की । साइंटिस्ट ने लेबोरेटरी स्टडीज में पहली बार कोरोना की पुष्टि की है । आईजेएमआर के लेटेस्ट एडिशन में इस वायरस और इसके माइक्रोस्कोपिर फोटो को विस्तार से प्रकाशित किया है।

अमेरिका ने कोरोना वैक्सिक बनाने का किया दावा

बता दे कि इंग्लैंड में वॉलेंटियर्स की तलाश जारी है लेकिन करीब दो हफ्ते पहले अमेरिका ने अपने दावा करके सबको चौंका दिया । खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कोरोना के वैक्सीन का फेज-वन क्लिनिकल ट्रायल सफल हैं। दरअसल अमेरिका के सिएटल में कोरोना वायरस के वैक्सिन का चार लोगों पर टेस्ट किया गया है। इसमें एक महिला है 43 साल की जैनिफर हॉलर , वो सिएटल के एक टेक कंपनी में मैनेजर है।

जैनिफर के साथ इनके अलावा तीन और लोगों को इस परीक्षण का इंजेक्शन लगाया जाना है। इसके अलावा 45 अन्य लोगों को भी इसका हिस्सा बनाया जाएगा और इन्हें एक महीने के बाद इंजेक्शन दो और डोज दिए जाएंगे। बहरहाल कोरोना वैक्सीन पर अमेरिका और इंग्लैंड के दावे के बाद दुनिया में लोगों को थोडी राहत मिली होगी लेकिन अब भी एक से दो महीने का लंबा वक्त लग सकता है । जो कि कोरोना जैसे जानलेवा बीमारी के प्रकोप के लिए काफी है, क्योंकि इटली और स्पेन जैसे देशों में 24 घंटे में ही 700-900 लोगों की जान चली जा रही है ।

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