CORONA INFECTION : न्यूज पेपर से फैलता हैं कोरना !, जानें सच्चाई

दुनियाभर के 199 देशों में कोरोना का कोहराम है। हर दिन कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। इस वैश्विक महामारी से आम और खास कोई अछूता नहीं हैं । ऐसे में संक्रमण से कैसे बचा जाए एक गंभीर सवाल है जो सबके दिमाग में आ रहा है। लोग परेशान भी है। इसी परेशानी के बीच लोग लॉकडाउन से घरों में कैद हैं। आस-पड़ोस से दूरी हो गई है। ऐसे देश-दुनिया के बारे अखबार से जानकरी मिलती थी वो भी नहीं मिल पा रही है क्योंकि इस बीच दावा किया गया कि अखबार से भी कोरोना बीमारी फैल रही है। जिसे देखते हुए लोगों ने अखबार से दूरी बना ली।

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महाराष्ट्र में न्यूज पेपर पर बैन

महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज है। यहां लगातार संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने न्यूज पेपर की प्रिंटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक ला दी गई। राज्य सरकार का कहना था कि इसमें बहुत सारे लोग काम करते हैं । अखबार घर तक पहुंचने के दौरान कई हाथों से गुजरता है। लिहाजा संक्रमण का चांस ज्यादा है ।

इंफेक्शन पर WHO की रिपोर्ट

हाल ही में एक अंग्रेजी न्यूज़ पेपर ने डब्लूएचओ के हवाले से छापा, ‘’अगर कोई कोविड-19 से इंफेक्टेड शख्स न्यूज पेपर को छूता है तो न्यूज पेपर में ये वायरस कुछ देर के लिए आ सकता है। लेकिन न्यूज पेपर से इंफेक्शन का ख़तरा काफी कम है। क्योंकि इंफेक्शन कई फ़ैक्टर पर निर्भर करता है। जैसे कि आप तक वायरस कितनी मात्रा में पहुंचा। इतना ही नहीं किसी सतह पर वायरस कब तक एक्टिव रहता है। साथ ही वातावरण भी कोरोना के फैलने में ख़ास भूमिका निभाता है।” वहीं कहा ये भी जा रहा हैं कि प्लास्टिक के संपर्क में कोरोना का लाइफ स्पैन अन्य करियर से ज्यादा है।

रिपोर्ट भी फिफ्टी-फिफ्टी

जहां तक WHO की रिपोर्ट में कहा गया है कि न्यूज पेपर से संक्रमण के चांस कम हैं लेकिन वायरस के क्वांटिटी और इनवार्मेंट पर कुछ ठोस जवाब नहीं है। ऐसे में अपने सूझबूझ से काम लें और 21 दिन के लॉकडाउन का संयम के साथ पालन करें।

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