CORONA IMPACT: दुनिया पर मंदी की पड़ी मार, 2009 से भी बुरे होंगे हालात

कोरोना के कारण हिंदुस्तान समेत दुनिया के कई बड़ देश लॉकडाउन है वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से सुपरपावर अमेरिका समेत तमाम मुल्कों में दहशत है इसका असर इकोनॉमी पर भी दिखना शुरू हो गया है

आर्थिक मंदी की एंट्री

IMF यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि कोरोना संकट के कारण दुनिया आर्थिक मंदी में प्रवेश कर चुकी है IMF की चेयरमैन क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि COVID-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल दिया है और इस संकट से उबरने के लिए दुनिया भर की विकसित अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी रकम और मदद की दरकार होगी।

2009 से भी बुरे हालात

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक आईएमएफ चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि यह साफ है कि हम एक ऐसी मंदी में एंट्री कर चुके हैं दुनिया भर की इकोनॉमी एकाएक रुक गई है और जो हालात बन रहे हैं वो वैश्विक वित्तीय संकट के बाद 2009 से भी बदतर होंगे आईएमएफ चीफ ने कहा कि  उभरते बाजारों को इस संकट से निकलने में कम से कम ढाई लाख करोड़ डॉलर की मदद की जरूरत पड़ेगी

80 देशों ने लगाई मदद की गुहार

आइएमएफ प्रमुख के मुताबिक अब तक 80 से ज्यादा देश IMF से मदद की गुहार लगा चुके हैं। इस वैश्विक मंदी का असर दो बातों पर निर्भर करेगा। पहला यS कि कोरोना की मार कहां तक और कितनी पड़ती है और दूसरा यह कि दुनिया भर के बड़े देश इससे निपनने के लिए क्या साझा प्रयास करते हैं

2021 तक रिकवरी की उम्मीद

IMF चीफ ने मंदी में रिकवरी की उम्मीद भी जताई उन्होंने कहा कि अगर पूरी दुनिया में कोरोना वायरस पर काबू पा लिया जाता है तो साल 2021 तक इस मंदी से उबरने की उम्मीद की जा सकती है लेकिन ये सब कुछ कोरोना को हराने की हमारी कोशिशों पर निर्भर करेगा

दुनिया में हर जगह कोरोना की दस्तक

गौरतलब है कि आज दुनिया का कोई ऐसा बड़ा छोटा देश नहीं है जहां कोरोना ने अपना असर नहीं दिखाया है इटली ब्रिटेन स्पेन फ्रांस समेत यूरोप कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ है वहीं अमेरिका में भी 1 लाख से ज्यादा लोगों को ये संक्रमित कर चुका है दुनिया के ज्यादातर देश लॉकडाउन के लंबे दौर से गुजर रहे हैं कामकाज ठप है ऐसे में इकोनॉमी की हालत दिन ब दिन खराब होती जा रही है और अभी इससे उबरने का रास्ता भी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा

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