बिहार में ख़तरा:कोरोना के साथ बर्ड फ्लू और इंसेफ्लाइटिस की दस्तक

कोरोना के ख़ौफ़ के साथ बर्ड फ्लू और इंसेफेलाइटिस ने बिहार में खतरा बढ़ा दिया है । पटना में बर्ड फ्लू से ग्रसित एक रोगी के आने मामला ज़्यादा संगीन हो गया है । राज्य सरकार पहले से ही कोरोना के ख़ौफ़ से जूझ रही है ।

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बर्ड फ्लू का केस सामने आने के बाद पटना में पशुपालन विभाग ने सैकडों मुर्गों को ज़मीन में डाल कर उस पर मिट्टी डाल दी ।बाकि ज़रूरी सभी कदम उठाए जा रहे हैं ।

बर्ड फ्लू का लक्षण और बचाव

जापानी इंसेफेलाइटिस / चमकी बुखार का दस्तक

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से पीड़ित एक बच्चे को भर्ती कराया गया है । बता दें कि पिछले साल इसी बीमारी से मुजफ्फरपुर में 161 बच्चों की मौत हो गयी थी ।

ऐसे में बिहार सरकार के साथ दोहरी चुनौती है । बता दें कि इस बीमारी को चमकी बुखार या दिमागी बुखार के नाम से भी जाना जाता है ।

गौरतलब है कि पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है । पूरे देश में लॉक डाउन के नावज़ूद कोरोना पॉज़िटिव की संख्या में भी लगातर बढ़ोतरी हो रही है । बिहार में भी लगभग वही स्थिति है । हालांकि राहत की बात है कि यहां कोरोना के मामले में अभी ज्यादा तेजी नहीं है , फिर भी नीतीश सरकार काफी सतर्क है ।

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बिहार सरकार ने अपने पार्षदों और विधायकों से 50 लाख रुपये राहत फंड में देने की अपील की है । बिहार के सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि राशन की कालाबाज़ारी और जमाखोरी करने वालों पर सख़्त कार्रवाई की जाए । इसके साथ ही डीजीपी ने थाने स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूखे लोगों को खाने का पैकेट बांटा जाए या थाने में ही खाने की व्यवस्था की जाए । बिहार में अबतक लगभग 3 हज़ार लोगों को आइसोलेशन में रखे जाने की जानकारी सामने आई है ।

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