शेयर बाजार को मिली RBI की संजीवनी, म्यूचुअल फंड सेक्टर को 50 हजार करोड़ के पैकेज का एलान

कोरोना संकट के बीच मुश्किल दौर से गुजर रहे म्यूचुअल फंड सेक्टर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने संजीवनी देने की कोशिश की है। म्यूचुअल फंडों पर नकदी के दबाव को कम करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 50 हजार करोड़ के विशेष नकदी सुविधा का एलान किया है।

50 हजार करोड़ के पैकेज का एलान

कोरोना संकट के बीच RBI ने आर्थिक चुनौती के दौर से गुजर रहे म्यूचुअल फंड सेक्टर को बड़ी मदद दी है। RBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत दिए हैं। इसके तहत बैंक 90 दिन का फंड भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो विंडो से ले सकते हैं और इसका इस्तेमाल सिर्फ म्यूचुअल फंड को कर्ज देने या उनके पास मौजूद कॉरपोरेट पेपर खरीदने में कर सकते हैं

फ्रैंकलिन टेंपलटन इंडिया संकट के बाद फैसला

आपको बता दें कोरोना वायरस महामारी के चलते यूनिट वापस लेने के दबाव और बॉन्ड बाजार में लिक्विडिटी की कमी का हवाला देकर फ्रैंकलिन टेंपलटन ने अपनी 6 डेट फंड स्कीमें बंद कर दीं। कंपनी का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से लोगों ने तेजी से अपना पैसा निकाला है, जिससे कंपनी के पास कैश की कमी हुई है।

फ्रैंकलिन की कौन सी फंड हुई बंद

  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन लो ड्यूरेशन फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन इनकम ऑपरच्यूनिटी फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट बॉन्ड फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन क्रेडिट रिस्क फंड
  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन शॉर्ट टर्म इनकम प्लान
  • फ्रैंकलिन इंडिया टेम्पलटन डायनामिक एक्यूरियल फंड

मुश्किल हालात और आर्थिक संकट को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने म्यूचुअल फंड के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है।

RBI ने अपने बयान में कहा है, ‘‘म्यूचुअल फंड कंपनियों पर नकदी के दबाव को कम करने के लिए उन्हें 50,000 करोड़ रुपये की ऋण सहायता मुहैया कराने का फैसला किया गया है.’’ रिजर्व बैंक ने कहा कि वA हालातों को लेकर सतर्क है। कोरोना वायरस के आर्थिक असर को कम करने और वित्तीय स्थिरता को कायम रखने के लिए वह हरसंभव कदम उठा रहा है.

You may also like...