सरहद पहुंचा भारत का ‘सिंघम’…काराकोरम के नजदीक तैनात हुए T-90 युद्धक टैंक

एलएसी पर चीन की हर चाल, हर दगाबाजी को जवाब देने के लिए सुखोई, अपाचे, चिनूक और बोफोर्स जैसे रणयोद्धा पहले से तैनात और तैयार हैं और अब इस तैनाती को दी जा रही है टी 90 की बारूदी ताकत की धार।

LAC पर चीन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

भारत लगातार ड्रैगन को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी कर रहा है। न्यू इंडिया के इसी बारूदी प्लान का हिस्सा है लद्दाख में टी 90 टैंक्स की तादाद बढ़ाना। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एलएसी की तरफ फॉरवर्ड एरिया में टी 90 टैंक्स की पूरी स्क्वॉड्रन मूव की गई है। यानी अगर चीन की फौज आई तो उन्हें भीष्म की भीषण गर्जना का सामना करना पड़ेगा।कुल मिलाकर 12 एक्स्ट्रा टी 90 टैंक फॉरवर्ड एरिया की तरफ मूव किए गए हैं और ये सभी टी 90 टैंक मिसाइलों से लैस हैं। यानी शेल और मशीनगन के साथ ही साथ ये टैंक मिसाइल से भी दुश्मन पर फायर कर सकेंगे।

LAC पर चीन की साजिशों का जवाब देगा भीष्म

दरअसल चीन ने एलएसी से सटे अपने फॉरवर्ड एरिया में अपने लाइट बैटल टैंक तैनात कर दिए हैं। जिसके जवाब में भारतीय फौज लगातार टी 90 टैंक्स की तादाद में इजाफा कर रही है। भले ही चीन के टैंक्स का मूवमेंट पहाड़ी इलाकों में तेज होता है लेकिन टी 90 के सामने इनकीचीन फायर पावर बहुत कम होती है।

बाहुबली भीष्म की बेमिसाल ताकत

दरअसल मल्टीरोल टी 90 की फायर पावर ही वो ताकत है जिससे चीन थर-थर कांपता है।

  • T-90 में 6 km दूर से मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता है
  • ये 60 सेकंड में 8 गोले फायर करता है
  • टी 90 टैंक अचूक 125 mm की मेन गन है

LAC पर तैयारी भयंकर, ईंट का जवाब पत्थर से

चीन ने बातचीत के बाद पूरे डिसएंगेजमेंट पर हामी भरी थी लेकिन ये हुआ नहीं। चीन की फौज अब भी लुका छिपी का खेल खेलने में जुटी है और इसी बीच एलएसी की दूसरी तरफ चीन फौजियों की तादाद बढ़ा रहा है। चीन के इस तोड़ का जवाब भी न्यू इंडिया की न्यू आर्मी ने निकाल लिया है। एलएसी के फॉरवर्ड एरियाज में एपीसी यानी आर्मर्ड पर्सेनल कैरियर और जवानों की पूरी ब्रिगेड यानी तकरीबन 4 से 5 हजार जवान भी तैनात किए गए हैं।

हिंद का जोश हाई, चीन पर होगी चढ़ाई

भारतीय फौज के ये एपीसी पहाड़ी इलाकों में तेजी से मूवमेंट करते हैं जिसके चलते जवानों की आवाजाही बहुत तेज हो जाती है। दौलत बेग ओल्डी के जरिए काराकोरम पास पर सटीक मुस्तैदी के लिए ही जवानों की तादाद भी बढाई गई है। काराकोरम पास ही लद्दाख में किसी सामरिक चुनौती की चाभी है। इसी वजह से काराकोरम पास को लेकर भारतीय सेना कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती।

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