महाराष्ट्र में भीषण कोरोना काल, कुर्सी के लिए उठा सियासी तूफान!

महाराष्ट्र में कोरोना लगातार बेकाबू हो रहा है लेकिन यहां सरकार गिराने और बचाने का खेल चल रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कोरोना पर अंकुश न लगाने के इल्जाम लग रहे हैं तो वहीं उद्धव और शरद पवार सरकार की कुर्सी बचाने में लगे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि जब सरकार के मुखिया ही सियासी दांवपेंच में फंसे हैं तो फिर कोरोना से जंग लड़ेगा कौन?

सरकार का संकट कोरोना संकट पर भारी !

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार को एक साल भी पूरे नहीं हुए उससे पहले ही सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसकी शुरुआत तब हुई जब बीजेपी सांसद नारायण राणे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। इस मुलाकात ने शिवसेना, एनसीपी के खेमे में खलबली मचा दी।

शुरू हुआ मुलाकात का दौर

शरद पवार मातोश्री में जाकर उद्धव ठाकरे से मिले और फिर पवार राज्यपाल से मिले। इन मुलाकातों पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर कहा ‘शरद पवार और उद्धव ठाकरे की मुलाकात मातोश्री में हुई। सरकार मजबूत है। चिंता न करें। जय महाराष्ट्र’।

महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक हलचल क्यों?

उद्धव सरकार को डर है कि जैसा एमपी में हुआ कहीं महाराष्ट्र में भी ऐसा न हो जाए। इसलिए जैसे ही बीजेपी सांसद नारायण राणे ने राज्यपाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति शासन की मांग की वैसे ही शरद पवार और उद्धव ठाकरे सक्रिय हो गए और अपनी अपनी सियासी गोटियां सेट करने में जुट गए।

सियासतदानों को जनता की नहीं बल्कि कुर्सी की फिक्र

महाराष्ट्र में सियासी उठापटक इसलिए है क्योंकि उद्धव सरकार पर कोरोना संकट में विफल रहने के आरोप लग रहे हैं। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पुलिसकर्मी से लेकर मंत्री तक कोरोना संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। आकंड़ों के मुताबिक

महाराष्ट्र में कोरोना से बिगड़ते हालात

महाराष्ट्र में अब तक कुल 52,667 केस सामने आ चुके हैं। जिसमें 1,695 मरीजं की मौत हो चुकी है। कोरोना की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटे में राज्य में कुल 2436 संक्रमित मरीज़ सामने आए और 24 घंटे में 60 लोगों की मौत हुई। पिछले 24 घंटे में राज्य में 51 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिले।

फडणवीस ने कहा कोरोना काल में सरकार बनाने की फिक्र नहीं

इस बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘राज्य सरकार अभी भी केंद्र की ओर से उपलब्ध कराई गई आर्थिक मदद भी खर्च नहीं कर पाई है। मैं ये समझ ही नहीं पा रहा हूं कि राज्य सरकार की प्राथमिकता क्या है, आज राज्य को सकारात्मक नेतृत्व चाहिए। मैं आशा करता हूं कि उद्धव ठाकरे उचित फैसले लेंगे।’ फडणवीस ने ये भी कहा कि कोरोना वायरस से पैदा हुए गंभीर हालात को देखते हुए हमारी राज्य की सरकार को बदलने में रुचि नहीं है। हम कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहे हैं और इसके लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं।  

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