लॉकडाउन का सबसे बड़ा दर्द..कोई मां का नहीं कर पाया दीदार, कोई पिता को नहीं दे सका मुखाग्नि

कोरोना के खतरे के मद्देनज़र इस वक्त पूरा देश लॉकडाउन के कारण घरों में कैद है, जो जहां है वो वहीं फंस गया है बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है. बॉलीवुड एक्टर इरफान खान और मिथुन चक्रवर्ती को लॉकडाउन के कारण मिला है सबसे बड़ा दर्द. एक अपनी मां की सूरत आखिरी बार नहीं देख पाया तो दूसरा अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाया.

इरफान की मां का निधन

बॉलीवुड के हरफनमौला एक्टर इरफान खान की मां 82 साल की सईदा बेगम का शनिवार को निधन को हो गया वो काफी समय से बार चल रही थी. इरफान की मां जयपुर में रह रही थी जहां उन्होंने आखिरी सांस ली वहीं इरफान इस वक्त लॉकडाउन के कारण मुंबई में फंसे हैं.

मां के अंतिम दर्शन नहीं कर पाए इरफान

खबरों के मुताबिक परिवार के लोगों ने ही सईदा बेगम को आखिरी विदाई दी और लॉकडाउन के कारण इरफान अपनी मां के जनाजे में शामिल नहीं हो पाए. हम आपको बता दें कि इरफान खान खुद भी इस वक्त न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जूझ रहे हैं और इस खतरनाक बीमारी का इलाज करवा रहे हैं.

कोरोना ने इरफान को दोहरा झटका दिया है जहां एक तरफ वो अपनी मां के अंतिम दीदार नहीं कर पाए वहीं कोरोना वायरस के कारण इरफान की लंबे वक्त बाद रिलीज़ हुई फिल्म अंग्रेजी मीडियम भी ज्यादा नहीं चल पाई. लॉकडाउन की वजह से सिनेमाघर बंद होने के कारण फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा नहीं कर पाई .

पिता के शव को कंधा नहीं दे पाए मिथुन

इससे पहले मिथुन चक्रवर्ती के साथ भी ऐसा ही हुआ मिथुन के पिता बसंत कुमार चक्रवर्ती का निधन मंगलवार यानी 21 अप्रैल की शाम मुंबई में हुआ तो मिथुन भी पिता के शव को कंधा नहीं दे पाए. मिथुन के पिता बसंत चक्रवर्ती बढ़ती उम्र की बीमारियों से काफी दिनों से जूझ रहे थे जब मुंबई के अस्पताल में उन्होने दम तोड़ा तो मिथुन लॉकाडाउन के कारण बेंगलुरु में फंसे थे. 21 अप्रैल की शाम ही उनके पिता का अंतिम संस्कार कांदिवली स्थित श्मशान भूमि में किया गया। इस अंतिम संस्कार में सिर्फ परिवार शामिल था मिथुन नहीं आ पाए.

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