COVID-19 का नया पैंतरा, आंखों से मौत के कोरोना वायरस की एंट्री, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट

कोरोना संक्रमण से दुनिया अब तक के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है । कोरोना महामारी हर रोज लोगों के सामने नई चुनौती लेकर आ रहा है । ऐसी खबर आती है कि कभी इसके स्ट्रेन में तेजी से बदलाव हो रहा है तो कभी कहा जा रहा है इसका लक्षण ही नहीं पता चल रहा है। लेकिन COVID-19 से हर रोज हजारों लोग इंफेक्टेड होते हैं इसमें कोई दो राय नहीं हैं ।

आंखों से दिखेगा कोरोना के लक्ष्ण

ताजा रिसर्च में पता चला है कि अगर आंखें लाल हो तो कोरोना हो सकता है ।  इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इन्फेक्शियस डिजीज के साइंटिस्ट का कहना है कि आंखों का लाल या गुलाबी होना कोरोना संक्रमण का शुरुआती संकेत हो सकता है । लेकिन ऐसे लक्षण वाले रोगियों की संख्या काफी कम है। इसके बावजूद रिसर्च में लोगों से आंखों में किसी तरह की परेशानी होने पर नेत्र रोग स्पेसलिस्ट से सुझाव लेने पर जोर दिया गया है ।

21 दिन आंखों में रहता है कोरोना

साइंटिस्ट का दावा है कि इंफेक्शन और पहली बार लक्षण दिखने के 21 दिन बाद तक कोरोना वायरस आंखों में रह सकता है । इटली में वुहान से लौटी एक 65 साल की लेडी में पांच दिन बाद कोरोना का लक्षण दिखा तो डॉक्टर हैरान रह गए । लेडी की आंखें लाल थी लेकिन उन्हें बुखार नहीं था । लगातार 21 दिन जांच के बाद कॉन्फर्म हुआ की लेडी के आंख में कोरोना वायरस हैं ।

कोरोना आंखों में रेपलिकेट करता है

कोरोना संक्रमण फैलने के साथ यहीं कहा जाता था कि कोरोना वायरस मुख्य रूप से खांसने और छींकने पर निकलने वाली बूंदों यानी ड्रॉपलेट्स के माध्यम से फैलता है। लेकिन लेटेस्ट रिसर्च में जो तथ्य सामने आया है उसके मुताबिक आंखों से निकलने वाले आंसुओं से भी कोरोना संक्रमण फैल सकता है । इतना ही नहीं आंखों में कोरोना खुद की कॉपी बनाता है यानी रेपलिकेट करता है ।

रिसर्च से एक बात तो साफ है कि अगर बुखार नहीं है, लेकिन आंखें लाल है, तो सतर्क रहिए और डॉक्टर से सलाह लेते रहिए वरना कोरोना वायरस आंखों के रास्ते फेफड़ों तक पहुंच सकता है और मौत का तांडव फैला सकता है ।रिसर्च से एक बात तो साफ है कि अगर बुखार नहीं है, लेकिन आंखें लाल है, तो सतर्क रहिए और डॉक्टर से सलाह लेते रहिए वरना कोरोना वायरस आंखों के रास्ते फेफड़ों तक पहुंच सकता है और मौत का तांडव फैला सकता है ।

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