लॉकडाउन के बाद छंटनी रोकने के लिए क्या है सरकार का प्लान, यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट

कोरोना संक्रमण के इस काल में कंपनी और फैक्ट्रियां बंद हैं, कारोबार ठप है और इकॉनमी हांफ रही है लिहाजा निजी क्षेत्र में नौकरी कर रहे लोगों के बीच छंटनी और कटनी का डर है, ऐसे में एक राहत की खबर आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार कंपनियों को राहत देने के कई उपायों पर विचार कर रही है, जिससे लॉकडाउन खुलने के बाद कर्मचारियों की छंटनी न करनी पड़े।

कंपनियों को मिल सकती है ये छूट

बताया जा रहा है कि मोदी सरकार कंपनियों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए उन्हें कुछ रियायतें दे सकती है. मसलन सरकार कंपनियों को कर्मचारियों का बोनस रोकने और न्यूनतम आय में अनिवार्य रूप से होने वाली बढ़ोतरी न करने, ओवरटाइम पेमेंट रेट में कमी करने और ड्यूटी ऑवर्स बढ़ाने की छूट दे सकती है.

साल भर के लिए मिल सकती है छूट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये बदलाव नोटिफिकेशन या अमेंडमेंट्स के जरिए किए जा सकते हैं इतना ही नहीं कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए ये बदलाव साल भर तक लागू रह सकते हैं। जानकारों के मुताबिक ऐसा करने से केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं आएगा और एंप्लॉयर्स के लिए एंप्लॉयमेंट कॉस्ट घट जाएगी।

इंक्रीमेंट ना होने से बचेगा पैसा
पेमेंट ऑफ बोनस ऐक्ट 1965 में ये प्रावधान है कि कुछ श्रेणियों के प्रतिष्ठानों में काम करने वाले वर्कर्स को मुनाफे या उत्पादन के आधार पर सालाना 8.33 फीसदी की दर से बोनस दिया जाना चाहिए। इसके अलावा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर वर्कर्स के मिनिमम वेज का रिवीजन 8-12 प्रतिशत सालाना की दर से होता है। सरकार का मानना है कि अगर यह इंक्रीमेंट टाल दिया जाए तो इससे कंपनियों के पास यह पैसा बचेगा।

नौकरी बचाना प्राथमिकता

सरकार की पहली प्राथमिकता संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब 5 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी बचाना है जानकारों की मानें तो सरकार के इन कदमों से संगठित क्षेत्र की फर्मों खासतौर पर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज की काफी बचत हो जाएगी। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इससे काफी जॉब्स बचाने में मदद मिल सकती है।’

बढ़ाए जा सकते हैं शिफ्ट के घंटे

फिलहाल जो मौजूदा फैक्ट्री ऐक्‍ट है उसके तहत आठ-नौ घंटे की शिफ्ट का प्रावधान है और ओवरटाइम पर डबल पेमेंट करने का नियम है लेकिन इस नियम में लॉकडाउन के बाद बदलाव हो सकता है खबरों के मुताबिक सरकार कामकाज की अवधि बढ़ाकर 12 घंटे करने पर विचार कर रही है और इस टाइम पीरियड का वेतन भी डबल के बजाय सामान्य वेज रेट पर दिया जाएगा। यह व्यवस्था मौजूदा वित्त वर्ष के लिए की जा सकती है।

अभी से कटनी-छंटनी शुरू

हालांकि पीएम मोदी बार-बार ये अपील कर चुके हैं कि कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों का रोजगार ना छीने लेकिन ये भी हकीकत है कि लॉकडाउन के बाद करोड़ों लोगों का रोजगार जा चुका है जिसे लेकर राहुल से सोनिया गांधी तक ने सवाल उठाए हैं. लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था में मंदी के नतीजे अभी पूरी तरह सामने भी नहीं आए हैं लेकिन कोरोना के नाम पर कुछ क्षेत्रों में कंपनियों ने मनमानी दिखानी शुरु कर दी है जिसमें खासतौर से कुछ मीडिया संगठन शामिल हैं. उम्मीद की जा रही है कि सरकार के इस कदम के बाद छंटनी पर काफी हद तक लगाम लगेगी.

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