कोरोना वायरस में बदलाव से बढ़ी मुश्किलें, विनाशलीला कब तक ? पढ़ें ये रिपोर्ट

कोरोना के कहर से दुनिया में एक लाख 85 हजार से ज्यादा लोंगों की मौत हो चुकी है 26 लाख से ज्यादा लोग इस प्राण घातक करोना से संक्रमित हैं । इसमें एक शोध ने दुनिया की नींद उड़ा दी है । शोध के मुताबिक कोरोना वायरस से लड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण है । नए स्टडी में दावा किया गया है कि COVID-19 वायरस में तेजी से बदलाव आ रहा है,  अब तक साइंटिस्ट 30 बदलाव की बात कर रहे हैं ।

कोरोना में बदलाव प्राणघातक

जिस चीन पर कोरोना वायरस को लैब में बनाने का आरोप लगा लेकिन चीन इससे इनकार करता रहा है । उसी चीन के झियांग यूनिवर्सिटी ने अपने रिसर्च में दावा किया है वुहान के COVID-19 में म्यूटेशन की वजह से कुछ बेहद घातक हो गए है । खासकर जो स्ट्रेन यूरोप में एक्टिव हैं।  वे डेंजर्स म्यूटेशन की वजह से है । यूरोप से ही ये घातक स्ट्रेन न्यूयार्क पहुंचे हैं । जबकि अमेरिका के बाकी राज्यों में खासकर वाशिंगटन राज्य में जो स्ट्रेन पाए गए हैं, वे कम घातक हैं।

क्या है म्यूटेशन?

आम लोगों को समझाने के लिए सबसे पहले बात करते हैं म्यूटेशन की । जब किसी जीन के DNA में कोई स्थाई बदलाव होता है तो उसे उत्परिवर्तन यानी म्यूटेशन कहते हैं । यह कोशिकाओं के डिविजन के समय किसी दोष के कारण पैदा हो सकता है या अल्ट्रा-वायलेट रेज की वजह से या केमिकल एलिमेंट या वायरस से भी हो सकता है । ये बदलाव एकदम नए हैं जो आने वाले दिनों में वायरस की लाइफ साइकल में भी बदलाव ला सकते हैं । इससे इलाज मुश्किल हो सकता है ।

वैक्सीन बनाने में आएगी परेशानी

कोरोना पर रिसर्च कर रहे साइंटिस्ट का कहना है कि कोरोना में बदलाव परेशानी का सबब बनने वाला है । ऐसे में अगले छह महीने में जब तक दवा आएगी तब तक वायरस में कई बदलाव आ जाएगा । दवा और वैक्सीन अलग अलग स्ट्रेन के लिए अलग-अलग हो जाएंगे । एक वैक्सीन या टीका समान रूप से कोविड के खिलाफ काम नहीं कर पाएगा । तो असली चुनौती यहां आएगी । फिलहाल दुनिया में 70 से अधिक टीका बनाने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है ।

भारत में कोरोना के कितने स्ट्रेन ?


रिसर्च से साफ है कि कोरोना वायरस के 3 स्ट्रेन A,B,C दुनिया भर में सक्रिय है । इसमें लगातार बदलाव आ रहा है । भारत में ICMR जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार मार्च में नमूनों की जांच में कोरोना वायरस में 2 बदलाव दर्ज किए गए हैं । जब कि देश में कई मरीजों में भी कोरोना की जांच में अलग-अलग लक्ष्ण दिखने की पुष्टि हुई है । वहीं चीन के नेशनल सेंटर फॉर बायोइंफार्मेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक दुनिया में कोरोना वायरस के दस हजार नमूनों  की जांच हुई है जिसमें 4300 म्यूटेशन रिकॉर्ड किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाला रिसर्च ये है कि सबसे घातक वायरस सबसे कमजोर स्ट्रेन से 270 गुना ज्यादा पावरफुल है ।यह रिसर्च साइंस जर्नल मैड रैक्सीव ने प्रकाशित किया है ।

तमाम रिर्सच से साफ है कि कोरोना वायरस का प्रकोप फिलहाल कम होता नहीं दिखा रहा है  । वहीं WHO के चीफ ने भी अगाह किया है कि कोरोना वायरस लंबा खींचने वाला है इसलिए सतर्क रहे । ऐसे में  जब तक इसमें बदलाव होता रहेगा चुनौती कम नहीं होगी यानी कोरोना की विनाश लीला जारी रहेगी ।

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