कोरोना का होगा खेल खल्लास, आईआईटी के साइंटिस्ट ने तैयार किया अचूक अस्त्र!

देश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बेलगाम बढ़ रही है । ऐसे में इस बीमारी से चुनौती भी बढ़ती जा रही है । लोगों में कोरोना को लेकर खौफ का माहौल है। इसी बीच कोरोना के लिए जो टेस्टिंग किट विदेशों से आई उसमें डिफेक्ट्स की खबरें ने सबको और डरा दिया । ऐसे में कोरोना वायरस का टेस्ट चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इसे देखते हुए देश के युवा साइंटिस्ट ने राजधानी दिल्ली में कोरोना टेस्टिंट किट बनाया है ।

 IIT दिल्ली को बड़ी कामयाबी

भारत कोरोना टेस्टिंग किट को लेकर चीन या बाहर के देशों पर अब तक निर्भर था लेकिन आईआईटी दिल्ली की बायोलॉजिकल साइंसेंस की टीम ने कोरोना टेस्टिंग किट बनाने में सफलता पाई है । इस तरह आईआईटी दिल्ली कोरोना किट बनाने का देश का पहला एकेडमिक इंस्टीट्यूशन हो गया है ।   

ICMR से किट को मिली मंजूरी

सबसे बड़ी बात ये है कि आईआईटी की पीसीआर आधारित टेस्टिंग किट को ICMR से मंजूरी मिल गई है । फिलहाल ये पता नहीं चल पाया है कि किट जांच करने के लिए कब मिलेगा और इसका उत्पादन कितना होगा । लेकिन एक बात का दावा किया जा रहा है कि किट से इंफेक्शन का पता जल्द लग जाएगा ।

किट की लागत काफी कम

एक विदेशी चैनल के मुताबिक बांग्लादेश में कोरोना टेस्टिंग किट 3 डॉलर यानी करीब 240 रुपए में तैयार होती है । ऐसे में आईआईटी दिल्ली की कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेंस की टीम ने जो किट तैयार किया है वो बाजार में मौजूदा किट की अपेक्षा एक चौथाई सस्ती हो सकती है।

18 दिन में किट बनकर तैयार

किट बनाने के लिए टीम ने 18-18 घंटे काम किए । लॉकडाउन से ठीक पहले 22 मार्च से 9 अप्रैल तक टीम के सदस्यों ने जमकर पसीना बहाया और आखिरकार किट को तैयार कर लिया । टीम के प्रो. बिश्वजीत कुंदू और प्रो. विवेकानंद पेरुमल ने बताया कि जब देश में संक्रमण का पहला केस केरल में मिला था तभी से उनकी टीम ने किट बनाने का काम शुरू कर दिया था। लॉकडाउन की वजह से किट को टेस्ट के लिए पुणे भेजने में दिक्कत आ रही थी। लेकिन इससे प्रॉटोकॉल के तहत सुलझा लिया गया और आखिरकार किट कोरोना से जंग के लिए तैयार है ।    

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