दिल्ली में कोरोना से मौत पर दंगल, MCD ने खोली केजरीवाल सरकार की पोल?

राजधानी दिल्ली में कोरोना के मौत के आंकड़ों का पूरा सच अब भी सामने नहीं सका है। अब आंकड़ों की लड़ाई दिल्ली सरकार और एमसीडी के बीच आकर सिमट गई हैं। एमसीडी का दावा है कि दिल्ली में कोरोना से मौत का आंकड़ा 550 के पार पहुंच चुका है जबकि दिल्ली सरकार के रजिस्टर में मौत का आंकड़ा 200 के पार है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर सच कौन बोल रहा है।

क्या है मौत के आंकड़े का असली सच

दिल्ली में लगातार कोरोना संक्रमण और मौत की संख्या बढ़ रही है। लेकिन दिल्ली सरकार और बाकी एजेंसियों के मौत के आंकड़ों में जमीन आसमान का फर्क नजर आ रहा है। दिल्ली सरकार के जारी आंकड़ो के मुताबिक़ अभी तक कोरोना संक्रमण से 208 लोगों की मौते हुई है लेकिन दिल्ली नगर निगम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की माने तो अब तक दिल्ली में 564 कोरोनो पॉजिटिव मरीज की मौत हो चुकी है। यानि सरकार के आंकड़ों से दोगुना।

दिल्ली सरकार के आंकड़ों पर सवाल?

दक्षिण दिल्ली नगर निगम और उत्तर दिल्ली नगर निगम ने तो बाकायदा एक एक मौत का आंकड़ा जारी कर दिल्ली सरकार के आंकड़ों पर सवाल खड़ कर दिए हैं। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण दिल्ली निगम में कोरोना से 302 मरीज की मौत हुई है जबकि कोरोना संदिग्धों की मौत की संख्या 72 है। इसी तरह नार्थ दिल्ली नगर निगम में कोरोना से 262 मौते जबकि कोरोनो संदिग्धों की मौत की संख्या 77 दर्ज की गई है ।

दिल्ली सरकार को MCD का चैलेंज

अपने दावे पर अडिग एमसीडी दिल्ली सरकार को चैलेंज कर रही है कि अगर उनके आंकड़े गलत हुए तो वो FIR के लिए भी तैयार हैं। हालांकि दिल्ली सरकार अब भी दो सौ वाले आंकड़े को सही करार दे रही है।

इससे पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार कोरोना से हो रही मौत के आंकड़ों को छुपा रही है। इन आरोपो के बाद ही दिल्ली सरकार के सरकारी आंकड़ों में जहां मौत की संख्या 100 के नीचे थे वो महज दस दिनों में दो सौ के पार पहुंच गई। इसलिए भी दिल्ली सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं।

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