‘लॉकडाउन’ हुआ शेयर बाजार, 15 मिनट में डूबे 8 लाख करोड़, लगाना पड़ा लोअर सर्किट

कोरोना वायरस के कारण देश के 16 राज्यों में लॉकडाउन है इसका असर कोरोबार और शेयर बाजार पर दिखा सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही 2307 अंको की गिरावत के साथ क्रैश हो गया। महज 15 मिनट में ही निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपए डूबने से हड़कंप मच गया। एक महीने में दूसरी बार लगाया गया लोअर सर्किट। शेयर बाजार का कारोबार 45 मिनटों के लिए रोकना पड़ा।

सेंसेक्स 2307.16 अकों की गिरावट के साथ 27,608.80 पर खुला जबकि निफ्टी पर भी कारोबार की शुरुआत 8.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,945.70 पर हुई..सेंसेक्स के सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेंड कर रहे हैं।

आर्थिक सेहत के लिहाज से ये हफ्ता शेयर बाजार के लिये अहम रहने वाला है…देश के ज्यादातर 331 शहरों में लॉकडाउन की स्थिति है ट्रेन, बस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो जैसे तमाम साधन बंद हैं यहां तक कि शेयर बाजार को भी घर से ही चलाया जा रहा है यह पहली बार हो रहा कि जब ब्रोकर निवेशक की जगह घर से उनके बदले निवेश करेंगे.. उनकी कोशिश यही है कि घर से काम करने का असर ट्रेड वॉल्यूम पर ना हो।

शुक्रवार को उछाल के साथ बंद हुआ था शेयर बाजार

चार कारोबारी सत्रों में लगातार गिरावट के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार जबर्दस्त उछाल के साथ बंद हुआ था ।इसमें सेंसेक्स 1627 अंक और निफ्टी 486 अंक चढ़ कर बंद हुआ था मार्केट कैप की बात करें तो पिछले हफ्ते सेंसेक्स की टॉप-10 में आठ कंपनियों के मार्केट कैप में 3.63 लाख करोड़ की गिरावट आई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 4 बजे करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंस

कोरोना वायरस को लेकर उपजे हालात और अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्योग जगत के साथ शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरीए बातचीत करेंगे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी

मार्च के महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलिय निवेशक (FPI) एक लाख करोड़ से ज्यादा शेयर और बॉन्ड बाजार से निकाल चुके हैं। कोरोना पूरे विश्व में फैल चुका है जिसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी की ओर बढ़ रही है।

अमेरिकी इकोनॉमी में 24% गिरावट की आशंका

कोरोना के कहर से अमेरिकी भी अछूता नहीं है अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 24 फीसदी तक की गिरावट की आशंका जताई जा रही है अमेरिकी श्रम विभाग के मुताबिक अमेरिका में पिछले हफ्ते बेरोजगारी की दर 30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है आशंका है कि कोरोना को कारण यहां अप्रैल तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं।

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