कोरोना काल में रूठे बाबा बर्फानी ! इस साल नहीं होगी अमरनाथ यात्रा

कोरोना महामारी के चलते देश दुनिया के सभी धार्मिक स्थल बंद है ऐसे में कोरोना वायरस का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल कोरोना महामारी के चलते अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इस यात्रा को शुरु होने से पहले ही रद्द कर दिया है.

23 जून से शुरु होनी थी यात्रा

बाबा बर्फानी की ये पवित्र यात्रा इस साल 23 जून से शुरु होने वाली थी, ये पहला ऐसा मौका है जब यात्रा को शुरु होने से पहले ही कैंसिल कर दिया गया है. खबरों से मुताबिक जम्मू में बुधवार को राजभवन में अमरनाथ यात्रा को लेकर एक अहम बैठक हुई जिसमें उपराज्यपाल ने तमाम हालात पर गौर करने के बाद इस साल अमरनाथ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया.

महादेव के मस्तों का टूटा दिल

इस साल पवित्र अमरनाथ यात्रा के कैंसिल होने के कारण लाखों करोड़ों महादेव के भक्तों को जोर का झटका लगा है पिछले साल साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों ने अमरनाथ की यात्रा कर बर्फ से बने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए थे. पिछले साल भी ये यात्रा तीन दिन पहले ही अनुच्छेद 370 हटाने के कारण रोक दी गई थी.

यात्रा में क्या मुश्किलें?

बताया जा रहा है कि जिन इलाकों से होकर अमरनाथ यात्रा गुजरती है वहां के 10 जिले इस वक्त कोरोना के कहर से जूझ रहे हैं , इनमें से 77 इलाके तो रेड जोन में आते हैं. जम्मू कश्मीर में इस वक्त 407 कोरोना पॉजिटिव केस हैं जिनमें से 350 से ज्यादा कश्मीर से हैं.

कैंप तैयार करने में दिक्कतें ?

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मुर्मू के मुताबिक अमरनाथ यात्रा को लेकर काफी तैयारी करनी पड़ती है कैंप लगाने पड़ते हैं, मेडिकल सुविधाओं के साथ ही लंगर के इंतजामात भी करने पड़ते हैं जो कि कोरोना की इस महामारी के बीच फिलहाल दूर-दूर तक संभव नजर नहीं आ रहा है.  उपराज्यपाल के मुताबिक 3 मई के बाद किस तरह के हालात होंगे अभी ये भी साफ नहीं है लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है.

परंपरागत तरीके से होगी पूजा

हालांकि अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने भी कहा है कि परंपराओं का पालन किया जाएगा और बाबा बर्फानी की पहली पूजा पारंपरिक तरीके से होगी. श्राइन बोर्ड इस संभावना पर भी विचार कर रहा है कि घर बैठे श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दीदार हों, इसके लिए पूजा और दर्शन का टेलीकास्ट ऑनलाइन करने की बात भी कही जा रही है.

1 अप्रैल से होना था रजिस्ट्रेशन

तय कार्यक्रम के मुताबिक इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल से होना था लेकिन इस पर कोरोना की काली छाया पड़ गई. बताया जा रहा है कि यात्रा वाले रूट से भी इस बार अब तक बर्फ नहीं हटाई जा सकी है और इस रूट पर इस वक्त कई फीट बर्फ जमा है. इतना ही नहीं जम्मू में जिस यात्री निवास को बेसकैंप बनाया जाता था वह इन दिनों क्वारंटीन सेंटर बना हुआ है.

पिट्ठू वालों की लिए बुरी खबर

कोरोना के कहर के चलते अमरनाथ यात्रा रद्द होने का सीधा असर टूरिज्म इंडस्ट्री और वहां के पिट्ठू और पोनी वालों पर पड़ेगा जिनके लिए ये पवित्र यात्रा साल भर की रोजी रोटी का इंतजाम करती थी.

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