कोरोना महामारी से ‘महाविनाश’ की चेतावनी!, WHO ने कहा आने वाला है और भी बुरा वक्त

क्या कोरोना काल होगा और विकराल? क्या कोरोना वायरस चंद महीने में लाखों लोगों की मौत का वजह बनेगा? क्या कोरोना जून तक भयावह शक्ल अख्तियार कर लेगा? ये चंद सवाल डराने वाले हैं। ये सवाल आज इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के खतरे को लेकर सबसे बड़ा अलर्ट दिया है। दावा किया गया है कि अगर चेतावनी की अनदेखी की गई तो ये दुनिया के वजूद के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होगा।

 ‘इससे भी बुरा वक्त अभी आने वाला है’

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडेहनम ग्रेब्रेयेसुस ने कोरोना वायरस महामारी के बारे में दुनिया को सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि हालात आगे चल कर बद से बदतर होंगे। WHO चीफ टेड्रोस ने कहा है कि ‘‘इससे भी बुरा वक्त अभी आने वाला है।’’ WHO ने शक जाहिर किया है कि एशिया और अफ्रीका में कोरोना संक्रमण अब शुरू हुआ है और यहां स्वास्थ्य सुविधाएं यूरोप और अमेरिका के मुकाबले काफी ख़राब हैं।

लॉकडाउन में ढील से बिगड़ सकते हैं हालात

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी देश धीरे-धीरे ही लॉकडाउन हटाएं। अगर ढील देने में जल्दबाजी की गई तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।डब्ल्यूएचओ की ओर से ये चेतावनी ऐसे वक्त दी गई है जब कई देशों की सरकारें प्रतिबंधों में ढील देकर आर्थिक गतिविधियां चालू करने की योजना बना रही हैं।

भविष्य बचाने के लिए नए तरीके ढूंढने होंगे

डब्ल्यूएचओ के लिए पश्चिमी प्रशांत के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ताकेशी कासेई ने कहा, ‘‘ ये ढिलाई बरतने का वक्त नहीं है, बल्कि हमें निकट भविष्य के लिए जीवन जीने के नए तरीके को लेकर स्वयं को तैयार रखने की आवश्यकता है.’’

इकॉनोमी पर भी ध्यान देने की जरूरी

डॉ. ताकेशी कासेई ने कहा कि सरकारों को वायरस को फैलने से रोकने को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है और लॉकडाउन और सामाजिक दूरी बनाए रखने के दूसरे कदमों को धीरे-धीरे हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही लोगों को स्वस्थ रखने और अर्थव्यवस्था को चालू रखने के बीच संतुलन कायम करने की आवश्यकता है।

20 अप्रैल से मिली छूट के दौरान उठे सवाल

देश में 20 अप्रैल से उन हिस्सों में लॉकडाउन से कुछ ढील दी गई है, जहां कोरोना वायरस का कोई केस नहीं मिला है। केरल में ग्रीन जोन के दो जिलों में सार्वजनिक परिवहन के साथ ही नाई की दुकान और रेस्त्रां तक खोलने की इजाजत दे दी गई थी। हालांकि केंद्र सरकार ने इस पर नाराजगी जाहिर किया तो राज्य सरकार ने दोबारा प्रतिबंध लगा दिया। 

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