एमपी में शिवराज कैबिनेट का विस्तार, मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों को भी जगह

मध्य प्रदेश में सरकार बनने के 29 दिन बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान का मंत्रिमंडल गठन हुआ। एमपी के कैबिनेट विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को भी जगह मिली है। शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में 5 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। मध्य प्रदेश में 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान चौथी बार सीएम बने थे, लेकिन अगले दिन ही लॉकडाउन का एलान होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया था

5 मंत्रियों ने शपथ ली

सिंधिया के 22 समर्थक विधायकों के इस्तीफा देने की वजह से 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था और शिवराज के सिर ताज सजा था। अब टीम शिवराज में मंत्री बनाए गए पांच लोगों में दो मंत्री सिंधिया गुट के बनाए गए हैं। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल और मीना सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री बनाया गया। राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलवाई। शपथ समारोह के दौरान बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी मौजूद थीं।

सिंधिया के साथ का मिला फायदा

आपको बता दें कि तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत विधायक नहीं है। ये पिछली सरकार में मंत्री थे। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर कमलनाथ सरकार से इस्तीफा देकर बीजेपी से जुड़ गये। जिसका उन्हें फायदा मिला।

यशोधरा राजे को कैबिनेट में जगह नहीं

करीब एक महीने बाद शिवराज चौहान के मंत्रिमंडल का गठन हुआ लेकिन इस मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ और BJP नेता यशोधरा राजे सिंधिया को फिल हाल इस कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी। बीजेपी नेता यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक चुनी गई हैं और पिछली शिवराज सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।2013 में शिवराज सरकार में यशोधरा राजे वाणिज्य, उद्योग और रोजगार मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इससे पहले वो दो बार सांसद रह चुकी हैं।

मध्य प्रदेश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है। इसी के चलते छोटे मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। कोरोना संकट के बीच राज्य में गृह या स्वास्थ्य मंत्री ना होने की वजह से विपक्ष शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साध रहा था।

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