MP CORONA SIDE EFFECTS: मध्यप्रदेश में कमलनाथ राज का असमय अंत, फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा

मध्यप्रदेश में करीब दो हफ्ते से ज्यादा समय से जारी सियासी शह और मात के संग्राम का अंत हो गया है। फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज इस्तीफा दे दिया है।
कमलनाथ ने इस्तीफे के ऐलान से पहले बीजेपी पर कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी याद रखे कि कल और परसो भी आएगा। सब सच्चाई सामने आएगी।

कमलनाथ का आरोप

कमलनाथ ने बीजेपी पर कई आरोप लगाएं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 22 एमएलए को बंधक बनाया और करोड़ों रुपए का खेल खेला गया। कमलनाथ ने बिना नाम लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला । उन्होंने कहा एक महाराज और उनके 22 साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। सच्चाई थोड़ी समय में सामने आ जाएगी।

‘लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या हुई’

कमलनाथ ने कहा कि हमने तीन बार विधानसभा में अपनी बहुमत साबित की। बीजेपी की ओर से जनता के साथ विश्वासघात किया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की गई, जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

कमलनाथ ने गवर्नर को भेजा इस्तीफा

कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को लिखे त्यागपत्र में लिखा, ‘मैंने अपने 40 साल के सार्वजनिक जीवन में हमेशा से शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रिक मूल्यों को सदैव तरजीह दिया है। मध्य प्रदेश में पिछले दो हफ्ते में जो कुछ भी हुआ, वह प्रजातांत्रिक मूल्यों के अवमूल्यन का एक नया अध्याय है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। साथ ही नए बनने वाले मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं। मध्यप्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग सदैव रहेगा।’

कमलनाथ के विदाईनामा का सच

10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी का दामन थामा और शुरू हो गई कमलनाथ राज की उल्टी गिनती। ज्योतिरादित्या सिंधिया के समर्थक कांग्रेस के 22 बागी एमएलए ने 11 मार्च को विधायक के पद से अपना त्यागपत्र देने से सियासी संकट पैदा हुआ। इनमें से छह के इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत मंजूर कर लिए थे, जबकि 16 बागी विधायकों के इस्तीफे गुरुवार देर रात को मंजूर हुए थे। इससे कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी। ये सभी एमएलए बेंगलुरु में ठहरे हुए थे।

अब कमलनाथ सरकार के पास केवल 99 विधायक बचे थे, जबकि बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए था । आंकड़ों का अलजेब्रा देखते हुए फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया ।

सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे थे शिवराज

बीजेपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग की गई थी।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पीकर को फटकार लगाई थी और 16 बागी विधायकों के इस्तीफे ना स्वीकारने की वजह पूछा और शुक्रवार शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। फटकार के बाद स्पीकर ने सभी 16 एमएलए का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। वहीं कमलनाथ के इस्तीफा के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान ने कहा सत्यमेव जयते।

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