मौत के वायरस का सबसे क्रूर हमला, कोरोना पीड़ित बुजुर्ग मां की अर्थी को कंधा देने वाले 5 बेटों की गई जान

झारखंड के धनबाद से दिल दहला देने वाला वाक्या सामने आया है। जो शायद पूरे हिंदुस्तान को झकझोर कर रख दे। कातिल कोरोना को हलके में लेने की गलती की वजह से धनबाद में मां समेत 5 बेटों की जान चली गई।

कोरोना ने एक ही परिवार के 6 लोगों की ली जान

धनबाद के कतरास में एक बुजुर्ग महिला की Covid-19 संक्रमण से मौत के बाद एक-एक कर उनके पांच बेटों की जान चली गई। बुजुर्ग के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उनके चार बेटे भी संक्रमित पाये गये थे। जबकि एक दूसरे बेटे की मौत TMH जमशेदपुर में लंग कैंसर के इलाज के दौरान हुई। झारखंड में एक परिवार में कोरोना पीड़ितों की मौत की ये सबसे बड़ी संख्या है।

5वें बेटे ने ली आखिरी सांस

कतरास में रहने वाले चौधरी परिवार के लिए कोरोना काल बन गया। झारखंड के रिम्स में भर्ती परिवार के 5वें बेटे ने मंगलवार को कोरोना संक्रमण की वजह से दम तोड़ दिया। आपको बता दें कि चौधरी परिवार में कोरोना से सबसे पहली मौत 4 जुलाई को 90 वर्षीय वृद्ध महिला की हुई थी जो इन बेटों की मां थी।

दिल्ली से शादी समारोह में आयी थी बुजुर्ग

90 साल की बुजुर्ग महिला अपने एक नाती के शादी समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली से 29 जून को कतरास आयी थी। शादी समारोह के बाद बुजुर्ग महिला बीमार पड़ गयी। तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 4 जुलाई को उनकी मौत हो गई। शव का सैंपल लेकर जांच करायी गयी। 7 जुलाई को बताया गया कि बुजुर्ग महिला कोरोना से संक्रमित थी।

एक लापरवाही जिंदगी पर पड़ गई भारी

चौधरी परिवार से सबसे बड़ी गलती ये हुई कि कोरोना से मौत के बाद ICMR की गाइडलाइन का सही ढंग से पालन नहीं किया गया। बुजुर्ग महिला की सामान्य तरीके से अंतिम संस्कार किया गया जिससे दूसरों में भी संक्रमण फैल गया। महिला के बेटे भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए।

कोरोना ने बुजुर्ग के 5 बेटों की ली जान

बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके परिवार के लोगों ने भी सैंपल देकर जांच करायी. करीब 65 साल का बेटा एक निजी रिसोर्ट में क्वारंटीन था। 10 दिनों से उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत थी। 10 जुलाई की देर रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बिहार के PMCH लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में वो भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

11 जुलाई को दूसरे बेटे ने तोड़ा दम

67 साल के दूसरे बेटे की मौत कोविड-19 अस्पताल में 11 जुलाई की देर रात हो गयी. बुजुर्ग महिला के दूसरे बेटे का इलाज बीसीसीएल के सेंट्रल हॉस्पिटल कोविड-सेंटर चल रहा था।

12 जुलाई को रिम्स में तीसरे बेटे ने तोड़ा दम

8 जुलाई को बुजुर्ग का एक और बेटा कोरोना संक्रमित पाया गया। जिसके बाद 9 जुलाई को उन्हें रांची के रिम्स के लिए रेफर किया गया था। तीन दिनों तक चले इलाज के बाद 12 जुलाई को तीसरे बेटे की मौत रांची रिम्स में हो गयी जिनकी उम्र करीब 72 साल थी।

16 जुलाई को चौथे बेटे की गई जान

महिला के चौथे बेटे को भी 8 जुलाई को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 13 जुलाई को रांची रिम्स रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान 19 जुलाई को उनकी मौत हो गयी।

19 जुलाई को पांचवे बेटे की मौत

लंग कैंसर से जूझ रहे महिला के पांचवें बेटे की मौत टीएमएच जमशेदपुर में हो गयी। लंग कैंसर होने के कारण उनकी तबीयत बेहद ज्यादा बिगड़ गयी थी।

बताया जा रहा है कि भारत में ये अपनी तरह का संभवत: पहला मामला है, जिसमें से कोरोना वायरस के संक्रमण से एक ही परिवार के 6 लोगों की जान चली गई हो और परिवार के अन्य सदस्यों की तबीयत भी खराब हो।

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