श्मशान में तब्दील हो रहे इटली के शहर, 4,000 पहुंचा मौत का आंकड़ा, COVID-19 से एक दिन में 627 मौत

इटली में संक्रमित मरीजों का दम घोंट रहा है कोरोना वायरस। कोरोना संक्रमित मरीज़ एक-एक सांस के लिए लड़ रहे हैं। इटली के स्वास्थ्यकर्मी एक-एक जिंदगी बचाने की जंग में जुटे हैं। बावजूद इसके इटली में कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। साथ ही बढ़ रहा है कोरोना से मौत का आंकड़ा। इटली में शुक्रवार को एक ही दिन 627 लोगों की मौत हो गई। जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ कर 4 हजार के पार पहुंच गया है। इटली में ये तीसरा मामला है जब एक साथ इतनी बड़ी मौते हुईं हैं।

  • तारीख मौत
  • 08-03-2020 133
  • 19-03-2020 427
  • 20-03-2020 627

चीन के वुहान से पनपे कोरोना वायरस ने मौत का तांडव दिखाना शुरू किया था जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ये इटली में कहर बरपा रहा है। हर रोज इस महामारी से इटली मरनेवालों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। कोरोना वायरस से बढ़ती मौत ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इटली के लोमबार्डी इलाके में हालात चीन के वुहान से भी खतरनाक हो चुका है।

वुहान से ज्यादा खतरनाक हुआ इटली का लोमबार्डी

  • इटली में कोरोना संक्रमण के 47 हजार केस सामने आ चुका है।
  • जिसमें 2655 मामला क्रिटिकल है।
  • 1.6 करोड़ लोगों को अलग-थलग रखा गया है।
  • लोमबार्डी के अलावा उत्तरी इटली के 14 प्रांत को लॉकडाउन किया गया है।

लोमबार्डी में मौजूद अस्पतालों के आईसीयू में कोरोना वायरस के मरीजों को रखने की जगह नहीं बची है। अस्पताल में हर तरफ मरीज भरे पड़े हैं। सांस लेने में भयंकर परेशानी झेल रहे मरीजों की तीमारदारी में जुटे मेडिकल स्टाफ परेशान हैं। परेशानी की वजह है कि किस मरीज पर ज्यादा ध्यान दिया जाए और किसे छोड़ा जाए। क्योंकि हर जान कीमती है और इसे बचाया जाना जरूरी है। लिहाजा कोरोना मरीजों को दूसरों शहरों में शिफ्ट किया जा रहा है।

लोमबार्डी में सेना को उतारा गया

इटली में कोरोना से मौत का आंकड़ा चीन को भी पार कर गया है। इटली में 4032 लोगों की जान जा चुकी हैं जबकि चीन में 3248 लोगों की मौत हुई है। लोम्बार्डी इलाके में लोगों को सख्ती से आइसोलेशन का पालन करने के लिए सेना को उतारना पड़ा है। इतना ही नहीं इस इलाके में सेना राहत कार्यों में भी मदद कर रही है। इटली में कोरोना संक्रमण ने अबतक 13 डॉक्टरों को अपना निशाना बना लिया है। इसके अलावा देश के 2,629 मेडिकल स्टाफ भी इससे पीड़ित हैं।

वेंटिलेटर और ICU की कमी झेल रहा इटली

कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के इलाज में सबसे बड़ी परेशानी फेफड़ों का फेल हो जाना है। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के फेफड़े म्यूकस से भर गये हैं। इससे मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है। सांस लेने में दिक्कत की वजह से मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा जाना ज़रूरी होता है। लेकिन इटली में तमाम सुविधाओँ के बावजूद मरीजों की बढ़ती तदाद से वेंटिलेटर और ICU की कमी होती जा रही है। जानकारों के मुताबिक कोरोना वायरस से निजात पाए लोगों में भी काफी वक्त तक ब्रीदिंग प्रॉब्लम मौजूद रहती है।

नेशनल एंथम से मनोबल बढ़ाने की कोशिश

इटली के प्रधानमंत्री ने लोगों को मदद का आश्वासन दिया है जबकि पहली बार इटली रेडियो ने नेशनल एंथम का प्रसारण किया है ताकि लोगों का मनोबल बढ़ावा जा सके। इटली में रेस्टोरेंट,बार्स, दुकानें 25 मार्च तक बंद हैं साथ ही स्कूल, यूनिवर्सिटी में ताले लटके हैं और सभी लोगों को 3 अप्रैल तक घर में रहने को कहा गया है।

पूरे यूरोप में स्वास्थ्य सुविधाओँ के लिहाज से इटली बेहतर हालात के लिए जाना जाता था। लेकिन कोरोना के कहर ने इटली के मेडिकल सिस्टम की कमर तोड़ दी है। जब यहां ऐसे हालात हैं तो सोचिए उन देशों का क्या होगा जो आबादी के लिहाज से बड़े हैं लेकिन मेडिकल सुविधाएं के मामले में फिसड्डी हैं। एशिया और अफ्रीका के देशों में अगर वक्त रहते पुख्ता तैयारियां नहीं की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं।

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