अब भागकर कहां जाएगा माल्या, तिहाड़ कर रहा इंतजार !

भारत के बैंको को 9 हजार करोड़ का चूना लगाकर ब्रिटेन में ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे विजय माल्या का भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है माल्या की आखिरी उम्मीद ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने भी भगोड़े विजय माल्या की अपील को खारिज कर दिया है.

5 साल बाद प्रत्यर्पण का रास्ता साफ

हाईकोर्ट से जोर का झटका लगने के बाद अब विजय माल्या को 5 साल बाद भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है दरअसल हाईकोर्ट में माल्या की अपील खारिज होने के बाद अब माल्या के प्रत्यर्पण का मामला ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास जाएगा और वही इस पर अंतिम फैसला लेंगी.

वेस्टमिंस्टर कोर्ट दे चुका है हरी झंडी

विजय माल्या के भारत प्रत्यपर्ण को लेकर इसलिए भी कोई संशय नहीं है क्योंकि हाईकोर्ट से पहले साल 2018 में ही ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण को हरी झंडी दी थी, इसी फैसले के खिलाफ माल्या ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी और तभी से ये मामला लंबित चल रहा था।

9 हजार करोड़ डकारने का आरोप

शराब कारोबारी विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। माल्या ने यह कर्ज अपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिया था। मार्च 2016 में माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था। तभी से भारत की एजेंसियां माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने में जुटी हैं साल 2018 में ब्रिटेन की कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद माल्या के प्रत्यर्पण की उम्मीद जगी थी, लेकिन हाईकोर्ट में केस जाने के बाद मामला फिर अटक गया था.

दे चुका है कर्ज चुकाने का प्रस्ताव

विजय माल्या को इस बात का शुरू से ही अंदेशा था कि उसकी चालबाजी और कानूनी दांवपेंच ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएंगे लिहाजा वो कई बार भारत सरकार के सामने किंगफिशर एयरलाइंस का पूरा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव पेश कर चुका है। हाल ही में लॉकडाउन के दौरान भी उसने ट्वीट करके भारत सरकार के सामने पूरा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव पेश किया था.

माल्या ने क्या कहा था ?

माल्या ने कहा था कि ना तो बैंक पैसे लेने के लिए तैयार हैं और ना ही प्रवर्तन निदेशालय अटैच प्रॉपर्टी को रिलीज करने के लिए तैयार है। माल्या ने लॉकडाउन के दौरान अपनी कंपनियों के कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार से मदद की मांग भी की थी।

2016 में भाग गया था लंदन

विजय माल्या भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ रूपये लेकर 2 मार्च 2016 को लंदन भाग गया था इस पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासत भी खूब हुई थी भारत सरकार की तरफ से साल 2017 में पहली बार माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिशें शुरू की गई थी जब गृह सचिव ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन को अर्जी दी थी.

लंदन में माल्या हुआ था गिरफ्तार

साल 2017 में 18 अप्रैल को लंदन में माल्या को गिरफ्तार भी किया गया था मगर उसे उसी दिन जमानत भी मिल गई थी. साल 2017 में ही माल्या के खिलाफ लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी और 3 फरवरी साल 2019 में कोर्ट ने उसके भारत प्रत्यर्पण का आदेश दिया था जिसके बाद माल्या हाईकोर्ट चला गया था लेकिन अब हाईकोर्ट ने उसकी अपील को खारिज कर दिया है.

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