लॉकडाउन की रियल इमेज : किसी ने किया कबूल तो किसी ने दिखाया ठेंगा

कोरोना के आतंक के बीच लॉकडाउन में ज्यादातर लोग घरों में कैद हैं । कई राज्यों ने लॉकडाउन में कोरोना पर काबू के लिए इलाकों को सील तक किया । वहीं कुछ लोग इस वैश्विक महामारी में भी मस्ती के मूड दिखे। उनके लिए ना तो कोरोना का भय दिखा और ना ही कानून का । जबकि कुछ लोग और संस्थान इस मुश्किल हालात में नजीर पेश करते दिखे । जैसे पुलिस, डॉक्टर्स, मीडिया और कोरोना वारियर्स.. क्योंकि उन्हें समाज की चिंता है । वे बिना किसी डरे समाजहित में लगे हैं । यहां तक की उन्होंने अपने जीवन को भी दांव पर लगा दिया है और राष्ट्र सेवा में जुटे हुए हैं ।  एशोआराम को त्याग कर लोगों की सेवा में लगे हैं।

वाकई इस समय दुनिया कोरोना की भयावह स्थिति से जंग लड़ रहा है । इस वक्त जीवन पर मौत भारी है। हर कोई मौत को बड़ी करीब से देख रहा है । शायद ऐसी स्थिति की कल्पना युद्ध के समय की जाती है। बम गिरा, मिसाइल दागे गए और सैकड़ों या हजारो लोग एक समय में दुनिया से चले गए। लेकिन यहां तो हर रोज मौत की गिनती हो रही है । आज सौ, कल हजार, परसों दस हजार तो 10 दिन में 50 हजार और महीना गुजरा नहीं कि एक लाख ..फिर एक हफ्ते में डेढ़ लाख । इससे बचने का कोई उपाय नहीं। बस इसके लिए दुनियाभर में एक ही उपचार है लॉकडाउन…. लेकिन इस पांबदी को मानने के लिए कुछ गिने चुने रसूखदार तैयार नहीं है तो कुछ शाही परिवार लॉकडाउन में अपने ऐशोराम को त्याग कर कोरोना से जंग में जुटा है। उसके लिए लॉकडाउन ही गुडलक लानेवाला है ।

आइए जानते हैं कैसे हमारे आपके बीच में अपने को रसूखदार कहने वाले लोग इस लॉकडाउन को तोड़ रहे हैं । इसमें कई नाम हैं लेकिन पहला नाम इस देश के लिए काफी अहम हैं । तो जानिए कौन सा वो प्रतिष्ठित परिवार जिसके लिए कानून और पुलिस सेकेंड्री है।

कर्नाटक का देवेगौड़ा परिवार

जी हां देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का परिवार । इस परिवार में देश के पूर्व पीएम हैं और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं । इसी 17 अप्रैल को एचडी देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी की शादी हुई। कहने को तो शादी में सिर्फ परिवार के लोग थे लेकिन किसी के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा । इसमें लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी । पुलिस प्रशासन तमाशबीन बनी रही ।

मुंबई का वाधवा परिवार

इसी कड़ी में मुंबई का जाना माना बिजनेस समूह वाधवा ग्रुप (HDIL और  DHFL कंपनी) का परिवार आता है । ये परिवार मुंबई के बांद्रा पाली हिल इलाके में रहता हैं। लॉकडाउन में अपने बंगले में परिवार के सदस्य बोर हो रहे थे तो परिवार के सदस्यों ने 10 अप्रैल को महाबलेश्वर में छुट्टी मनाने का फैसला किया। वाधवा परिवार के सदस्य, नौकर और बॉडीगॉर्ड सहित 23 लोग चार गाड़ियों के काफिले में महाबलेश्वर रवाना हुए और दोपहर तक महाबलेश्वर पहुंच गए। इनके पैसे के आगे कानून की धज्जियां उड़ी ।

कर्नाटक में बीजेपी के जयराम

कर्नाटक के तुमकुरु जिले के तुरुवेकेरे जिले के बीजेपी विधायक ने मासाले जयराम ने लॉकडाउन का मजाक उड़ाया । उन्होंने 10 अप्रैल को अपना बर्थ डे मनाया । इस मौके पर पार्टी का आयोजन किया गया । इसमें बड़ी तादाद में लोकल लोग जुटे। कुछ लोग मास्क भी पहने दिखे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ख्याल नहीं रखा गया क्योंकि वहां बीजेपी की सरकार है तो अपना राज चलता है ना । 

कनिका कपूर की पार्टी

अब बात करते है एक्ट्रेस कनिका कपूर की । कनिका कपूर की पार्टी के समय लॉकडाउन नहीं था लेकिन कोरोनावायरस तो थी हीं । कनिका कपूर इंग्लैंड से लौटी तो कोरोना पॉजिटिव पाई गई । लेकिन कनिका ने लखनऊ और कानपुर में पार्टी करके कई लोगों को कोरोना संदिग्ध बना दिया । इसमें यूपी के मिनिस्टर और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और उनके सांसद बेटे अहम दुष्यंत सिंह का नाम है जो बाद में क्वारंटाइन में रहें । लेकिन कनिका ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई और बार बार कहती रही कि उन्हें पता नहीं था।

ऐसे में ये तो देश की बात है । इन सबों के लिए कानून और प्रशासन कोई मायने नहीं रखता क्योंकि ये लोग देश में नाम और शोहरत पा चुके हैं । वहीं विदेशों में देखें तो कुछ शाही परिवार ने कोरोना से लड़ने के मामले में अपने संयम और त्याग से नजीर पेश किया है ।

भाषा ने दी नई परिभाषा

इसमें सबसे पहला नाम है भारतीय मूल की मिस इंग्लैंड भाषा मुखर्जी का । भाषा 2019 में मिस इंग्लैंड चुनी गई वो पेशे से डॉक्टर है लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने पर इंग्लैड लौट आई । अब उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में अपने डॉक्टरी प्रोफेशन में लौटने का फैसला किया है । भाषा कोरोना के इलाज में जल्द जुटनेवाली हैं ।

ब्रिटेन की राजकुमारी ब्रिट्रिश

ब्रिटेन में कोरोना से कोहराम है । इस बीच 17 अप्रैल को राजकुमारी ब्रिट्रिस ने कोरोना की वजह से अपनी शादी को फिलहाल टाल दिया है । ब्रिट्रिस ने इससे पहले बकिंघम पैलेस में होने वाली रिसेप्शन को भी टाल दिया था । क्योंकि उनकी शादी में बड़े बड़े लोगों का आना तय था इसमें सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन टूटने का डर था । लिहाजा उन्होंने शादी टालना ही बेहतर समझा ।

स्वीडन की राजकुमारी सोफिया

वहीं स्वीडन की राजकुमारी सोफिया ने कोरोना के जंग में खुद को झोंक दिया है । उन्होंने स्टॉकहोम में सोफिया हॉस्पीटल में बतौर वॉलेंटिर काम करना शुरू कर दिया है । 35 साल की राजकुमारी सोफिया ने इसके लिए तीन की इंटेसिव ट्रेनिंग भी ली । हम आपको बता दें कि राजकुमारी सोफिया खुद इस अस्पताल की मानद डॉयक्टर हैं । तो इसे कहते हैं ना त्याग और संयम की पराकाष्ठा । जीवन बचाने के लिए जिंदगी को दांव पर लगाना । काश! हम इससे कुछ सीख पाते तो कोरोना से लड़ाई में जल्द कामयाब हो जाते ।

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