रेलवे कर्मचारियों के लिए बुरी ख़बर, सैलरी कट के लिए रहें तैयार !

देशव्यापी लॉकडाउन के कारण रेल के पहिए थमे हुए हैं जिससे रेलवे को हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है अब इसका खामियाज़ा रेलवे कर्मचारियों को भुगतना पड़ सकता है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेल मंत्रालय इस हालात से निपटने के लिए कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर कैंची चला सकता है.

वेतन-भत्तों में कटौती की योजना

रेलवे में फिलहाल 13 लाख से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं जिन्हें वेतन के अलावा कई तरह के भत्ते दिए जाते हैं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रेल मंत्रालय कर्मचारियों के टीए, डीए और ओवरटाइम के भत्तों को खत्म करने पर विचार कर रहा है. अगर ऐसा हुआ तो ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड को ट्रेन चलाने पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से मिलने वाला भत्ता नहीं दिया जाएगा.

रेलवे में अभूतपूर्व आर्थिक संकट

लॉकडाउन की वजह से भारतीय रेलवे इस वक्त अभूतपूर्व आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है ऐसे में जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं उसके मुताबिक इस हालात से निपटने के लिए कर्मचारियों को ओवरटाइम ड्यूटी के लिए मिलने वाले भत्ते में 50 फीसदी तक की कटौती हो सकती है। मेल-एक्सप्रेस के ड्राइवर और गार्ड को 500 किलोमीटर पर मिलने वाले 530 रुपये भत्ते में 50 फीसदी कमी का सुझाव दिया गया है.

वेतन में हो सकती है कटौती

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलकर्मियों के वेतन में भी छह महीने तक कमी करने की सिफारिश की गई है। जिसमें 10 फीसदी से 35 फीसदी तक की कटौती की बात सामने आ रही है, सिर्फ यही नहीं मरीज की देखभाल और किलोमीटर समेत तमाम नॉन प्रैक्ट्रिस भत्तों में भी एक साल तक 50 फीसदी की कटौती की जा सकती है। वहीं, अगर कर्मचारी एक महीने ऑफिस नहीं आता है, तो ट्रांसपोर्ट भत्ता 100 फीसदी तक काटा जा सकता है।

रेलवे को लॉकडाउन से बड़ा नुकसान

कोरोना वायरस को रोकने के लिए 24 मार्च से ही रेल सेवा बंद है इस कारण रेलवे को काफी नुकसान हुआ है रेलवे को सिर्फ रिफंड के तौर पर ही करीब 1500 करोड़ का नुकसान हुआ है . 22 मार्च से 14 अप्रैल तक 55 लाख टिकटों की बुकिंग कराई गई थी जिसके लिए 830 करोड़ रूपए की राशि वापस की जानी है इतना ही नहीं 3 मई तक रेल सेवा फिलहाल बंद है और 3 मई के बाद भी इसके शुरु होने की फिलहाल कोई संभावना नज़र नहीं आ रही है.

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