बहुत जल्द फिर छलकेंगे जाम ! , यूपी में शुरू हो सकती है शराब की बिक्री

कोरोना वायरस के कारण देश भर में लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए सरकार ने आगे बढ़ाया तो इसका सबसे ज्यादा धक्का शायद शराब का शौक फरमाने वालों को लगा लेकिन यूपी में अब शराब का ये सूखा जल्द खत्म हो सकता है क्योंकि जानकारी सामने आई है कि यूपी की योगी सरकार शराब की बिक्री शुरू करवाने पर विचार कर रही है.

शराब उत्पादन शुरु करने का आदेश

यूपी सरकार में आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने यूपी के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र लिखा है जिससे देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार जल्द शराब की बिक्री कराने की तैयारी में है इस पत्र में सरकार ने आबकारी विभाग को शराब और बियर की फैक्ट्रियों में जल्द उत्पादन शुरु कराने को कहा है.

खत से मिला इशारा

प्रमुख सचिव ने जो चिट्ठी लिखी है उससे इशारा मिल रहा है कि दुकानों को खुलवाने से पहले सरकार सप्लाई चेन को दुरुस्त करना चाहती है. यूपी सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए उत्पादन इकाइयों में काम शुरू करवाया जाए. फिलहाल ये आदेश केवल उत्पादन इकाइयों के लिये है अभी फुटकर शराब और बियर की बिक्री के लिये कोई छूट या निर्देश जारी नहीं किया गया है. दरअसल, ये आदेश शराब की फुटकर बिक्री के लिये रास्ता खोलने से पहले उत्पादन और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये जारी किया गया है.

लॉकडाउन से आर्थिक गति मंद

लॉकडाउन के इस दौर में अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है जाहिर है सरकारों के सामने कोरोना को रोकने के साथ साथ इकोनॉमी को भी पटरी पर लाने की चुनौती है इसिलिए लॉकडाउन भले ही 3 मई तक बढ़ाया गया है लेकिन आर्थिक व्यवस्था और जरूरी सामानों की सप्लाई के सिए कई सेक्टरों में छूट का प्रावधान भी रखा गया है. यूपी सरकार ने 20 अप्रैल से कई उद्योगों को सशर्त काम करने की छूट दी है इसमें शराब इंडस्ट्री और डिस्टलरी भी शामिल हैं.

12 तरह के उद्योगों को मिली छूट

शराब के अलावा यूपी की योगी सरकार ने आवश्यक सेवाओं के साथ 11 प्रकार के उद्योगों को सशर्त चलाने की अनुमति दे दी है. जानकारी के मुताबिक योगी सरकार ने स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक उद्योगों को चलाने की इजाजत दे दी है.

शर्तों का करना होगा पालन

यूपी सरकार ने कपड़ा उद्योग, फाउंड्रीज, पेपर, टायर और चीनी मिलों को भी चलाने की अनुमति दे दी है. साथ ही कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को भी चलाने की इजाजत दे दी गई है लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा. पहले दौर में अधिकतम 50 फीसदी श्रमिकों की संख्या के साथ उद्योग चलाने की अनुमति दी गई है. यहां ये भी जानना जरूरी है कि सरकार की तरफ से फिलहाल प्रतिबंधों के साथ केवल इकाइयों को चलाने की बात कही गई है. लेकिन जो कारखाने और फैक्ट्रियां हॉटस्पॉट वाले इलाकों में हैं वहां ये छूट नहीं दी गई है.

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