कोरोना को हराएगा हिंद का ‘शक्तिमान’, जानिए कहां और कैसे मिलेगी DRDO की 2-DG दवाई

कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी के बीच भारत ने एक ऐसा ब्रह्मास्त्र तैयार कर लिया है जो कोरोना वायरस को पलभर में पंगु बना देगा। डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी डीआरडीओ ने 2-DG यानी 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज नाम से दवा तैयार कर ली है। जिससे कोरोना मरीजो की जान बचाई जा सकती है। ये दवा एक पाउडर के रूप में है।

स्वदेशी 2-DG से कोरोना का होगा नाश

आज देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच कई लोगों की जान चली गई, कई लोग इलाज के लिए तड़पते हुए दिखाई दिए। तमाम संकटों के बीच देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश के वैज्ञानिकों ने दिन रात एक कर दिया और अब करीब एक साल के लंबे ट्राइल के बाद DRDO की 2-DG दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी भी मिल गई है। कोरोना पर वार करने वाली स्वदेशी दवा को डीआरडीओ इमर्जेंसी यूज़ के लिए 10 हजार डोज़ बाजार में उतार दी गई है।

कोरोना के नए ‘हथियार’ से जीत मुमकिन

DRDO की 2-DG दवा कोरोना मरीजों की तेजी से रिकवरी करने में मदद करती है और बाहरी ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है। कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की भारी किल्लत और ऑक्सीजन मुहैया करना में हो रही परेशानी किसी से छिपी नहीं है। ऑक्सीजन की कमी से काफी लोगों की जान भी चली गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि 2-DG दवा कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दवा को सबसे पहले दिल्ली के डीआरडीओ कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को दिया जाएगा। 

कोविड-19 के खिलाफ कैसे काम करती है 2-DG?

फिलहाल D-2G दवा को सेकेंडरी मेडिसिन की तरह इस्तेमाल करने की परमिशन दी गई है। यानी ये दवा प्राइमरी मेडिसिंस के सपोर्ट में इस्तेमाल की जाएगी। दरअसल COVID-19 वायरस शरीर में पहुंचते ही अपनी कॉपीज बनाना शुरू कर देता है, इसके लिए वायरस को ताकत चाहिए होती है जो ग्‍लूकोज से मिलती है। जब ये दवा कोरोना संक्रमित मरीज को दी जाएगी तो वायरस इस ग्‍लूकोज एनालॉग को लेगा और उसी में फंस जाएगा। नतीजा ये होगा कि वायरस अपनी कॉपीज नहीं बना पाएगा यानी उसकी ग्रोथ रुक जाएगी और मरीज मौत के चंगुल से बाहर आ जाएगा।

कोरोना मरीजों के लिए रामबाण बनेगी D-2G दवा? 

DRDO के मुताबिक, D-2G दवा पाउडर के रूप में मिलेगी। जिसे पानी में घोलकर कोरोना मरीजों को दी जाएगी। डीआरडीओ के प्रमुख जी. सतीश रेड्डी ने बताया कि ये दवा कोरोना वायरस से संक्रमित कोशिकाओं पर सीधा काम करेगी। शरीर का इम्यून सिस्टम काम करेगा और मरीज जल्दी ठीक होगा। D-2G दवा एक सैशे के रूप में उपलब्‍ध होगी। जैसे आप ORS को पानी में घोलकर पीते हैं, वैसे ही इसे भी पानी में मिलाकर ले सकेंगे। डॉक्टर्स के मुताबिक ये दवा दिन में दो बार लेनी होगी। कोविड-19 मरीजों को पूरी तरह ठीक होने के लिए 5 से 7 दिन तक ये दवा देनी पड़ सकती है। कीमत को लेकर अभी कुछ नहीं कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक, एक सैशे की कीमत 500 से 600 रुपये के बीच हो सकती है।

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