पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था फटेहाल, इमरान के मंत्री हो रहे मालामाल!, पाक सेना ने भी मांगा 20 फीसदी इंक्रीमेंट

कोरोना काल में कंगाली के कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान में मंत्रियों की तो जैसे मौज आ गई है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मंत्रियों पर मेहरबान नजर आ रहे हैं।

खबर है कि पाकिस्तान की सरकार ने अपने मंत्रियों की सैलरी बढ़ाने की मजूरी दे दी है। ये जानते हुए कि देश की अर्थव्यवस्था फटेहाल है। महंगाई में जनता का आटा गीला हो रहा है। लेकिन इमरान अपने मंत्रियों पर दौलत लुटा रहे हैं।

सरकारी खजाना खाली, लेकिन मंत्रियों की जेब गर्म

कंगाल पाकिस्तान के रहनुमा अगर इमरान खान है तो फिर क्या कहने। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का भट्टा बैठा है, महंगाई आसमान पर है। कोरोना काल से पस्त पाकिस्तान में लोग दाने दाने को मोहताज हैं लेकिन पाकिस्तान का राजा अवाम की बजाए अपने वजीरों पर मेहरबान हैं और ये मेहरबानी इतनी है कि इन मंत्रियों के लिए पाकिस्तान के वजीरे आजम ने अपना बचा कुचा खजाना भी खोल दिया है।

कंगाल पाकिस्तान में मंत्रियों की मौज

इस बार बजट में इमरान खान ने पाकिस्तान की अवाम को झुनझुना थमाया। कंगाल अर्थव्यवस्था की दुहाई देकर खर्च में कटौती का दिखावा किया लेकिन असली रेवड़ी बांट दी अपने मंत्रियों को। इमरान खान ने जो इस बार बजट पेश किया है कि उसमें उन्होंने अपने वफादारों का खूब ख्याल रखा है। पाकिस्तान के कैबिनेट के मंत्रियों की सैलरी और भत्ते बढ़ा दिए गए हैं। यानि इमानदारी और सादगी का ढोंग करने वाले इमरान ने अपने मंत्रियों की सैलरी बढ़ाकर उन्हें मालामाल कर दिया है।

पाकिस्तान फटेहाल, इमरान के मंत्री मालामाल

इस बार के बजट में इमरान सरकार ने केन्द्रीय मंत्री और राज्य मंत्रियों पर खर्च 214 मिलिनय से बढ़ाकर 217 मिलियन कर दी है। इसमें इन मंत्रियों और सलाहकारों पर होने वाले खर्चे में 147 मिलियन से 150 मिलियन तक की बढ़ोत्तरी की गई है। जबकि वेतन को 855 मिलिनय से बढ़ाकर 880 मिलियन कर दिया गया है। इतना ही नहीं इमरान ने अपने मंत्रियों के भत्ते 615 मिलियन से बढ़ाकर 629 मिलियन कर दिया है। इन सबके अलावा इमरान सरकार ने नियमित भत्ते को भी 554 मिलियन से 558 मिलियन कर दिया गया है। जबकि बाकी भत्ते में भी 610 से 710 मिलियन तक बढ़ोत्तरी की गई है।

पाकिस्तानी सेना भी मांग रही इंक्रीमेंट

रेवेन्यू के मोर्चे पर भारी नुकसान झेल रही सरकार ने सब्सिडी में 48 फीसदी की कमी की है और पेट्रोलियम उत्पादों पर करीब 73 फीसदी टैक्स का इजाफा किया है। सैलरी और पेंशन पर भी रोक लगा दी है। इसके बाद भी पाक सरकार अपने वित्तीय घाटे को कम करने के लिए कोई साफ तस्वीर नहीं पेश कर पाई है। यानि इमरान सरकार का फंडा साफ है कि जनता मरे तो मरे लेकिन घाटे की भरपाई वो टैक्स वसूल कर ही करेंगे।

20 फीसदी सैलरी बढ़ाने की मांग

कंगाल पाकिस्तान की मुसीबत वहां की सेना ने भी बढ़ा रखी है। सेना भी 20 फीसदी सैलरी इंक्रीमेंट की मांग इमरान खान के सामने रख चुकी है। यानि बहती गंगा में सेना के अफसर ही हाथ धोने को तैयार हैं। पिछले दिनों पाकिस्‍तान की मिलिट्री ने सैलरी में 20 प्रतिशत इजाफे की मांग की है। पाकिस्‍तान मिलिट्री ने सरकार से 60 अरब रुपए से भी ज्‍यादा मांगे हैं ताकि सेना, वायुसेना और नौसेना के सैनिकों की तनख्‍वाह बढ़ाई जा सके।

You may also like...