कमलनाथ को गवर्नर का अल्टीमेटम: फ्लोर टेस्ट कराएं, नहीं तो माने जाएंगे अल्पमत

मध्यप्रदेश में सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ गवर्नर लालजी टंडन से मिले। मुलाकात के बाद सीएम ने कहा कि फिलहाल उनके पास बहुमत है। कमलनाथ ने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं के अधीन वो बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी और रूप में नहीं। उन्होंने साफ कहा कि मैं क्यों बहुमत साबित करूं, बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव लाए। सीएम कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने उनके 16 एमएलए को बंधक बना रखा है ।

गर्वनर के निर्देश की अनदेखी


भोपाल में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक शह और मात को देखते हुए गवर्नर लालजी टंडन ने राज्य के सीएम कमलनाथ को 14 मार्च को निर्देश दिया था कि वो 16 मार्च को सदन में विश्वास हासिल करें लेकिन 16 मार्च यानी सोमवार को विधानसभा का सत्र शुरू हुआ और गवर्नर का अभिभाषण हुआ परन्तु विश्वास हासिल करने की प्रक्रिया बिना पूरा किए ही विधानसभा के स्पीकर प्रजापति ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च 2020 तक के लिए स्थगित कर दी ।
इसके बाद गवर्नर ने सीएम कमलनाथ के विश्वास ना हासिल करने के लिए दिए दलील को आधारहीन एवं अर्थहीन बताया।

गवर्नर ने दोबारा फ्लोर टेस्ट के दिए निर्देश

गवर्नर टंडन ने दोबारा सीएम कमलनाथ को एक पत्र लिखकर कहा कि “आपसे मेरा पुन: निवेदन है कि आप संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए 17 मार्च 2020 तक विधानसभा में शक्ति परीक्षण के जरिए अपना बहुमत साबित करें । अन्यथा यह माना जाएगा कि वास्तव में आपके पास विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है।“

बीजेपी विधायक भोपाल से सीहोर पहुंचे

गवर्नर ने जैसे ही 17 मार्च 2020 को फ्लोर टेस्ट के निर्देश दिए बीजेपी ने विधायकों के दिल्ली जाने के प्रोग्राम को टाल दिया।अब सभी विधायकों को राजधानी भोपाल के पास सीहोर में रखा गया है। पहले विधायकों को मानेसर भेजने की बात थी।

बीजेपी विधायकों की गवर्नर के सामने परेड
विधानसभा स्पीकर प्रजापति ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी इसके बाद बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने नाराजगी जताते हुए अपने 106 विधायकों के साथ राजभवन पहुंच गए। राज्यपाल के सामने 106 विधायकों की परेड करा दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सीएम कमलनाथ रणछोड़ दास हैं। उनकी सरकार को कोराना वायरस नहीं बचा सकती।

बीजेपी पहुंची सुप्रीम कोर्ट


16 मार्च को विधानसभा में शक्ति परीक्षण नहीं होने पर बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी जिस पर 17 मार्च को सुनवाई होनी है। याचिका में शिवराज सिंह चौहान ने कोर्ट से अगले 48 घंटे में फ्लोर टेस्ट की अपील की है ।

मध्य प्रदेश विधानसभा का अंकगणित

मध्यप्रदेश के सियासी ड्रामा के बीच बता दें
विधानसभा मे कुल सीट 230 ( 2 विधायक की मौत) = 228
स्पीकर ने 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए = 222
बहुमत के लिए आंकड़ा = 122
बीजेपी को विधानसभा में 107 विधायक है जबकि कांग्रेस 108 ( बहुमत से चार कम) साथ ही कांग्रेस के बागी 16 विधायकों का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है अगर वो विधायक फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं हुए तो
कांग्रेस के पास महज 92 विधायक का समर्थन रह जाएगा । ऐसे में विधायक गणित कमलनाथ के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं और शिवराज का कमल फिर से खिलने का संकेत दे रहा है। लेकिन सियासी दंगल में एक नजर सुप्रीम कोर्ट पर भी टिकी रहेगी । मतलब साफ है कि मध्य प्रदेश से दिल्ली तक सियासी गलियारे में गहमागहमी देखने को मिलेगी।

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