कोरोना पर हिंदुस्तान को हिलाने वाला खुलासा-ओडिशा के कोरोना पाजिटिव मरीज ने बढ़ाई मुश्किल


भारत में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर लड़ाई लड़ी जा रही है लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही इस पर भारी पड़ती नजर आ रही है।ताजा मामला ओडिशा का है जहां कोरोना का पहला पॉजिटिव केस सामने आया है 33 साल का ये कोरोना संक्रमित शख्स हाल ही में इटली से लौटा था।

राजधानी एक्सप्रेस से किया सफर


6 मार्च को इटली से दिल्ली आये इस रिसर्चर ने राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली से भुवनेश्वर तक का सफर किया था। इस दौरान वह शख्स करीब 129 लोगों के संपर्क में रहा। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है ।

क्लियर की थी स्क्रीनिंग

बताया जा रहा है कि ये रिसर्चर मिलान से जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां इसकी थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की गई थी । उस वक्त तक उसमें कोरोना के लक्षण सामने नहीं आए थे लेकिन उसे 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। हालांकि वो इसके बाद भुवनेश्वर नहीं गया बल्कि दिल्ली में ही रुक गया।

क्वारेंटीन से बचने के लिए बदले तीन गेस्ट हाउस

इस शख्स ने इटली से वापस आकर होम क्वरेंटीन से बचने के लिए तीन बार गेस्ट हाउस बदले। जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमित ये शख्स सबसे पहले दिल्ली में एम्स के पास एक गेस्ट हाउस में ठहरा । उसके बाद इसने आईआईटी के गेस्ट हाउस और फिर पहाड़गंज के एक गेस्टहाउस में भी वक्त बिताया। 11 मार्च को वो भुवनेश्वर जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में बैठा और ओडिशा पहुंच गया ।

129 लोगों के संपर्क में आया

अपने दिल्ली ठहरने से भुवनेश्वर पहुंचने के दौरान कोरोना संक्रमित ये शख्स जिन 129 लोगों के संपर्क में आया उसमें से 76 लोग राजधानी एक्सप्रेस में उसके साथ सफर करने वाले मुसाफिर हैं। ऐसे में इस खुलासे ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। कोरोना से संक्रमित इस 33 साल के रिसर्चर का भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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