चीन की चालबाजी सामने आई, कोरोना से मौत के आंकड़े में किया गड़बड़झाला

साल 2019, महीना दिसंबर के आखिरी दिनों में चीन के वुहान शहर में कोरोना फैलने से हाहाकार मच गया । लोगों की मौत से चीन में दहशत का माहौल दिखा । कई हजार लोगों के मौत की खबर आई । आनन-फानन में चीन ने इस बीमारी से बचने के लिए वुहान में अलग अस्पताल बना लिया । संक्रमण बाहर ना फैले इसके लिए चीन में लॉकडाउन भी लगा । लेकिन लॉकडाउन के  बावजूद कोरोना का संक्रमण दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया ।

इसके बाद WHO ने इसे कोरोना वायरस के संक्रमण को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया ।  दुनियाभर में अब तक कोरोना से एक लाख चालीस हजार लोगों की मौत हो चुकी है । करीब 21 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव हैं । इस महामारी में सुपर पावर में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस में करीब 66 स हजार लोग जान गवां चुके हैं । ऐसे में अमेरिका में लगातार मौत की संख्या बढ़ रही है और बीमारी लाइलाज है । अमेरिका ने चीन पर सवाल खड़े किए कि उसने कोरोना वायरस की उत्पति और मौत के आंकड़े को छिपाया है ।

चीन पर आंकड़ा छुपाने का आरोप

महज एक दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चीन पर कोरोना महामारी के मामले में जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है । मैंक्रो ने चीन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसने जो तरीके अपनाएं है वह संदेह पैदा कर रहा है । मैक्रों ने कहा कि वहां साफ तौर पर ऐसी चीजें हुईं हैं, जिसका हमें नहीं पता है। वहीं ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने भी कहा कि चीन ने शुरुआती दौर में जिस तरह वायरस से निपटने की कोशिश की, उसकी गहरी समीक्षा की जानी चाहिए । ब्रिटेन सरकार को चीन से जरूर कड़े सवाल पूछने चाहिए कि आखिर कैसे यह महामारी सामने आई। इससे पहले, यूएस के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन के राजनयिक से फोन पर कोरोनावायरस की उत्पत्ति और उसके फैलने से जुड़ी जानकारी देने में पारदर्शिता की मांग की। पॉम्पियो के मुताबिक, चीन कह रहा है कि वह सहयोग करना चाहता है । इसका सबसे अच्छा तरीका यही हो सकता है कि वह दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए अपने दरवाजे खोलें।

दबाव में चीन ने बदला आंकड़ा

दुनिया के दबाव को देखते हुए चीन ने अचानक रातोंरात कोरोना संक्रमण की वजह से मरने वालों की सख्या में बदलाव कर लिया है । जो चीन कल तक किसी देश की नहीं सुन रहा था उसने शुक्रवार को अचानक संशोधन किया और वुहान में कोरोना से मरने वालों की संख्या में करीब 1300 की बढ़ोत्तरी कर दी । समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, चीन ने राष्ट्रीय स्तर पर मृतकों की संख्या में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 4,636, बताई है। जिसमें सबसे ज्यादा वुहान का है जो इस बीमारी का केंद्र रहा है ।

वुहान में भी बदला मौत का आकंड़ा

16 अप्रैल को  चीन का नया आंकड़ा ऐसे वक्त सामने आया, जब दुनियाभर में चीन के नेशनल हेल्थ कॉन्सिल की जनवरी से रोजाना जारी मृतकों की संख्या को लेकर संदेह की नजरों से देख रही है । वुहान में जारी संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, वुहान में 16 अप्रैल तक कोरोना वायरस के पुष्टि किए गए कुल मामलों में 325 की वृद्धि की गई जो बढ़कर 50,333 हो गए और मृतकों की संख्या 1,290 का इजाफा किया गया है । इससे कोरोना वायरस से मौतों की पुष्टि के बाद मरने वालों की संख्या 3,869 हो गई । कोरोना महामारी निवारण एवं नियंत्रण के वुहान निगम मुख्यालय ने एक अधिसूचना में कहा कि आंकड़ों में संशोधन संबंधित नियम और कानून तथा संक्रमितो के इतिहास पर तैयार किया गया है ।

आंकड़े में बदलाव पर चीन की दलील

दुनिया में संदेह की नजर से देखे जा रहे चीन ने अपना बचाव किया है और इसके लिए कुछ दलील दिया है । चीन का कहना है कि बीमारी के शुरुआती दिनों में कुछ लोगों की मौत उनके घरों पर हो गई थी । वहीं संक्रमण तेजी से फैलने की वजह से डॉक्टर्स और इलाज में जुटे स्वास्थ्य स्टाफ मौत का सही आंकड़ा देने में समर्थ नहीं थे क्योंकि उन पर काम का प्रेशर था । तकनीकी रुप से सक्षम चीन का कहना शायद ही कोई पचा पाए कि महामारी के दौरान अस्पताल सूचना नेटवर्क से नहीं जुड़ सके और समय रहते डेटा की रिपोर्ट करने में असफल रहे और आखिर में प्राइवेट अस्पताल और कुछ अन्य चिकित्सा संस्थान से सही रिपोर्ट ना मिलना गलत आंकड़े की वजह रही ।

वैसे चीन जो भी दलील दे, लेकिन दुनियाभर के दबाव की वजह से चीन ने कोरोना से अपने यहां हुई मौत के आंकड़ें में बदलाव किया है । वैसे मौत की संख्या में चीन के मामूली बदलाव से दुनिया को कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है जबतक चीन महामारी की हकीकत से पर्दा नहीं हटाता । सवाल सबके मन में रहेगा कि आखिर किन हालात में कोरोना महामारी फैली?

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