पतंजलि पर 75 करोड़ रुपए का बड़ा जुर्माना, GST में गड़बड़झाले का आरोप

देश की जानीमानी आयुर्वेद कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी ने बड़ी कार्रवाई की है। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर 75.08 करोड़ का जुर्माना लगाया है। दरअसल पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर आरोप है कि GST में कटौती के बावजूद रेट बढ़ा दिए जिससे कस्टमर्स को फायदा ना होकर भारी नुकासन हुआ।

क्या है मामला ?
योगगुरु स्वामी रामदेव की देखरेख में चलनेवाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने साल 2017 में वाशिंग पाउडर पर वस्तु एवं सेवा कर यानी GST में कटौती के बावजूद रेट बढ़ा दिए थे और इस कटौती का बेनिफिट कस्टमर्स तक नहीं पहुंचा। जिसे नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी यानी NAA ने धोखा माना है और पतंजलि पर 75.08 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। एनएए का कहना है कि पंतजलि को जुर्माने की राशि के साथ ही 18 फीसदी जीएसटी की राशि को केंद्र और राज्य सरकारों के Consumer Welfare Fund में जमा कराना होगा।
देश के एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार के मुताबिक एनएए ने कहा, ‘सेंट्रल जीएसटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए पतंजलि ने टैक्स में कटौती का लाभ कस्टमर्स को नहीं दिया।लिहाजा पतंजलि को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एनएए ने कहा कि जीएसटी पहले 28 से 18 फीसदी और फिर नवंबर 2017 में 18 से 12 फीसदी कर दिया गया, लेकिन पतंजलि ने अपने कस्टमर्स को इसका बेनिफिट नहीं दिया.

पतंजलि की दलील
नोटिस के जवाब में पतंजलि की दलील है कि जीएसटी कम भले हुई लेकिन प्रोडक्ट्स पर लागत काफी बढ़ गई थी, लेकिन उन्होंने कस्टमर्स पर इस बढ़ी लागत का कोई बोझ नहीं डाला था. लेकिन एनएए ने इस दलील को नहीं माना । इसके बाद पतंजलि ने तो यहां तक कहा कि एनएए की जांच देश में उसके कारोबार करने के अधिकार का उल्लंघन करती है, लेकिन एनएए ने इस दावे को भी खारिज कर दिया। डायरेक्टर जनरल ऑफ एंटी प्रॉफिटियरिंग ने 4 महीने के अंदर जुर्माने पर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है ।

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