कब थमेगा मजदूरों की मौत का सफर?, यूपी के औरैया में आधी रात मची चीख पुकार, हादसे में 24 की मौत

लॉकडाउन के बीच जैसे तैसे अपने घर लौट रहे मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है. शनिवार की सुबह यूपी के औरैया से एक दर्दनाक खबर आई यहां दो ट्रकों की टक्कर में 24 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 22 मजदूर गंभीर रुप से घायल हो गए जिनमें से 15 की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सैफई के पीजीआई ले जाया गया है.

राजस्थान से आ रहे थे मजदूर

खबरों के मुताबिक ट्रक में करीब 50 मजदूर सवार थे, ये सभी मजदूर राजस्थान से आ रहे थे इनमें से किसी को बिहार जाना था, किसी को झारखंड तो किसी को पश्चिम बंगाल. ये दर्दनाक हादसा सुबह 3 से 3.30 बजे के बीच हुआ.

कैसे हुआ हादसा?

बताया जा रहा है ट्रक में बैठे मजदूर चाय पीने के लिए एक दुकान पर रुके थे. इनमें से कुछ मजदूर चाय पी रहे थे तो कुछ ट्रक में ही सोये हुए थे तभी पीछे से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने सड़क पर खड़े मजदूरों के ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी. ये टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में इसकी आवाज सुनाई दी. दोनों ट्रक टकराने के बाद पलट गए और ज्यादातर मजदूर ट्रकों के नीचे दब गए.

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

अंधेरा होने से नहीं मिल पाई राहत

जिस वक्त ये हादसा हुआ वहां सन्नाटा था और अंधेरा था, हादसा होते ही वहां चीख पुकार मच गई किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था प्रशासन तक खबर पहुंचते पहुंचते काफी देर हो गई वक्त पर राहत भी नहीं मिल पाई जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ता चला गया.

मुआवज़े का मरहम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया में घटित हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को संज्ञान में लिया है। उन्होंने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। योगी सरकार ने हादसे में मृतक के परिवार को 2 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

अखिलेश बोले हादसा नहीं हत्या है

औरैया में 24 प्रवीस मजदूरों की मौत को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हत्या करार दिया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि- सबकुछ जानकर, सबकुछ देखकर भी मौन धारण करने वाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं. अखिलेश ने पार्टी की तरफ से सभी मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपए मुआवजा देने का एलान भी किया है.

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

शवों की पहचान में परेशानी

उधर प्रशासन के सामने इस वक्त शवों की पहचान का सबसे बड़ा संकट है क्योंकि जो भी मजदूर ट्रक में थे उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, अब प्रशासन उन मजदूरों के कुछ ठीक होने का इंतज़ार कर रहा है जिनसे पूछताछ के बाद मजदूरों की पहचान की जा सके और शव उनके घर तक पहुंचाये जा सकें.

यूपी में हादसों का सिलसिला
यूपी में ये इकलौता हादसा नहीं है इससे पहले अयोध्या हाईवे पर कोतवाली से तीन किलोमीटर की दूरी पर शुक्रवार सुबह दो सड़क हादसे हुए। इसमें तेज रफ्तार वाहनों ने 11 श्रमिकों को रौंद दिया। इसमें से पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वाले आपस में चाचा, भतीजे, मामा-भांजे हैं। गंभीर चोटों के कारण चार को केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। दो का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। यह लोग पैदल ही अपने घरों को जा रहे थे। हादसे के शिकार ये मजदूर बहराइच, गोरखपुर और देवरिया जिलों के हैं।

गुना में सड़क हादसे में तीन की मौत
वहीं एमपी के गुना में भी शुक्रवार रात हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है ये मजदूर महाराष्ट्र से यूपी आ रहे थे इस सड़क दुर्घटना में 14 लोग बुरी तरह से जख्मी भी हो गए.

You may also like...