LAC पर 45 साल बाद खूनी संघर्ष, चीन के साथ झड़प में सेना के 20 जवान शहीद

LAC पर चीन की सेना लगातार हिंसा की साजिश रच रही है । गलवान घाटी में PLA के उकसावे की वजह से संघर्ष हुआ है। लद्दाख में चीन के साथ हुए संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, चीनी सेना को भी खासा नुकसान पहुंचा है। इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई ही हुई थी।

करीब डेढ़ महीने से भारत-चीन में है तनाव

करीब डेढ़ महीने से भारत और चीन सैनिकों के बीच लद्दाख में तनातनी चल रही है। तनातनी कम करने के लिए भारत-चीन के बीच बातचीत का दौर चला। जहां दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की खबरें आ रही थीं और माना जा रहा था कि जल्द ही ये तनाव खत्म हो जाएगा । लेकिन सोमवार को चीन के सैनिकों ने हिंसक झड़प को अंजाम दिया, जिससे गलवान घाटी में तनाव बढ़ गया है।

गलवान घाटी में भार-चीन के बीच खूनी झड़प

भारतीय सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि गलवान घाटी में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच सोमवार रात को दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हुई है। दोनों तरफ के सैनिकों को इसमे नुकसान उठाना पड़ा है ।

45 साल बाद हुई शांति भंग

45 साल से भारत-चीन की सीमा पर शांति रही है । विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने की कोशिश की गई है । लेकिन 2020 में ताकत के गुरुर में पागल चीन, LAC पर तनाव बढ़ा रहा है । गलवान घाटी इलाका जो 1962 से गैर विवादित रहा है, उस इलाके में चीन की सेना घुसपैठ की कोशिश कर रही है । 45 साल पहले चीन की सेना ने LAC पर हिंसा को अंजाम दिया था ।

1975 के बाद 2020 में सीमा पर खूनी संघर्ष

1975 में चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश सीमा पर हमला किया था। इस हमले में चार भारतीय जवान शहीद हुए थे। 1975 के 8 साल पहले 1967 में भारत और चीन की सेना के बीच सिक्किम में संघर्ष हुआ था । हर बार चीन की सेना उकसाने की कार्रवाई करती है, लेकिन हर बार वो हिंसक गतिविधियों से इंकार करती है।

LAC पर चीन का प्रोपेगेंडा

चीन LAC को लेकर प्रोपेगेंडा करता है । लद्दाख में हिंसक संघर्ष को लेकर एक बार फिर चीन की तरफ से झूठ बोला जा रहा है । चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में हिंसक झड़प पर रिपोर्ट छपी है । चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झावो लिजियान ने कहा है कि भारत और चीन के बीच चल रहे संवाद के बावजूद सोमवार को भारतीय सेना की तरफ से सर्वसम्मति तोड़ने की कोशिश की गई । इसकी वजह से दोनों तरफ की सेनाओं के बीच संघर्ष हुआ है । हम इसकी निन्दा करते हैं । भारत- चीन द्विपक्षीय मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने और सीमा पर तनाव कम करने के लिए राजी हुए हैं ।

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