निजीकरण की राह पर कोल इंडिया! शुरू होगी कमर्शियल माइनिंग

कोल इंडिया में अब जल्द ही निजी क्षेत्र की एंट्री होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया कि अब कोल इंडिया लिमिटेड की खदानें निजी सेक्टर को भी दी जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा खनन हो सकेगा और देश के उद्योगों को बल मिलेगा।

कोल इंडिया में होगी कमर्शियल माइनिंग

कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने की मुहिम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित किए गए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के चौथी खेप जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कोयला और खनिज सेक्टर में कई बदलावों की घोषणा की। सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए फास्ट-ट्रैक इन्वेस्टमेंट प्लान बनाया है। जिसके तहत कोल इंडिया में 50 नए ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे। पात्रता की बड़ी शर्तें नहीं रहेंगी। 

वित्त मंत्री ने कहा कि देश की इकोनॉमी को मजबूत करने की मुहीम में कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोल सेक्‍टर में कॉमर्शिलय एंट्री से खनन ज्‍यादा हो पाएगा और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने ये भी कहा कि कोल के आयात को घटाना और कोयला के प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनना है। सही कीमत पर ज्यादा कोयला मुहैया होगा। सरकार ने कोयला सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया

कोयला खनन सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान

  • भारत दुनिया के तीन सबसे बड़े कोयला उत्पादकों में से एक है। कोल के लिए ओपन ऑक्सन होगी। 50 ब्लॉक खनन के लिए आने वाले दिनों में लाया जाएगा.
  • कोयला क्षेत्र में अब कमर्शियल माइनिंग होगी
  • कोल क्षेत्र में अब सरकार का एकाधिकार खत्म होगा.
  • कोल के आयात को घटाना और कोयला के प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनना है।
  • सही कीमत पर ज्यादा कोयला मुहैया होगा.
  • कोल के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन के लिए पचास हजार करोड़ खर्च होगा.
  • 500 खनन ब्लॉकों को एक खुले और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए नीलाम किया जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कि 50 हज़ार करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे। कोयले की माइनिंग को बढ़ाया का सकता है। सिर्फ उतना ही कोयला बाहर से लाया जाए जितने की जरूरत है।

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