कोरोना वैक्सीन पर सबसे बड़ी ख़बर, अमेरिका में थर्ड फेज का ट्रायल शुरू, ब्रिटेन भी रेस में निकला आगे

दुनियाभर में जारी कोरोना वायरस के कहर के बीच ब्रिटेन, अमेरिका और चीन से तीन अच्छी खबरें आई हैं। ब्रिटेन में कोरोना वायरस की दूसरी वैक्सीन बनकर तैयार हो जाने का दावा किया गया है और बुधवार से इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा।

अमेरिका में 3RD फेज का ट्रायल

वहीं अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन mRNA-1273 के थर्ड फेज़ का ट्रायल अगले महीने शुरू होने जा रहा है जिसमें 30 हजार लोग हिस्‍सा लेंगे। इस बीच चीन की एक कंपनी ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन लगने के बाद 90 प्रतिशत लोगों में कोरोना से लड़ने की क्षमता सामने आई है।

जुलाई में शुरू होगा थर्ड फेज का ट्रायल

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के वैक्सीन का थर्ड फेज़ का ट्रायल जुलाई में शुरू होने जा रहा है। अमेरिका की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना थेराप्यूटिक्स की ये वैक्सीन इंसानों की इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता को कोरोना से लड़ने में मदद करती है। ट्रायल के थर्ड फेज़ में अमेरिकी कंपनी 30 हजार लोगों को ये वैक्सीन देगी।

2021 से हर साल 1 अरब वैक्सीन बनाने का लक्ष्य

इस दौरान ये देखा जाएगा कि क्या ये वैक्सीन कोरोना वायरस को रोकने में कारगर है या नहीं। साथ ही ये देखा जाएगा कि क्‍या ये वैक्‍सीन गंभीर मरीजों को ठीक करने में असरदार है या नहीं। मॉडर्ना का दावा है कि वो साल 2021 तक हर साल एक अरब वैक्‍सीन बनाने के लिए तैयारी कर चुकी है।

ब्रिटेन में दूसरे फेज का ट्रायल

ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज की वैक्सीन बनकर तैयार हो गई है और बुधवार से उसका परीक्षण हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ये वैक्सीन कारगर पाई गई तो इसे करीब 300 रुपये में उपलब्ध करा दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि फर्स्ट फेज़ में 120 लोगों को ये टीका दिया जाएगा।

सितंबर में वैक्सीन तैयार होने का दावा

उधर, ब्रिटिश सरकार ने उम्मीद जाहिर की है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन इस साल सितंबर महीने तक तैयार हो जाएगी। अगर ये ट्रायल कामयाब रहता है तो सेकेंड फेज़ में 6 हजार लोगों को ये टीका लगाया जाएगा। हालांकि जानकार बता रहे हैं कि तमाम कोशिशों के बावजूद ये वैक्सीन साल 2021 के पहले नहीं आ पाएगी।

चीन ने कोरोना वैक्सीन पर बड़ा दावा किया

उधर, चीन की एक कंपनी ने अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन के इंसानों पर ट्रायल से मिले डेटा को पॉजिटिव बताया है। पेइचिंग की साइनोवैक बायोटेक का कहना है कि उसकी वैक्सीन सुरक्षित है और इम्यून रिस्पॉन्स शुरू करने में सफल है। अच्छी बात ये है कि ट्रायल के दौरान साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गए हैं।

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