तिरुपति बाला जी मंदिर से 1300 कर्मचारियों की छटनी! सोने पर शुरू हुई सियासत

लॉकडाउन का असर देश के सबसे अमीर मंदिर पर भी पड़ा है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में काम करने वाले करीब 1300 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। निकाले गए कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल को खत्म हो गया था। जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने उनके कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू करने से मना कर दिया।

मंदिर प्रशासन ने कहा कि 1300 कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट 30 अप्रैल तक था जिसे 1 मई से आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से काम बंद है। मंदिर से निकाले गए सभी कर्मचारी ट्रस्ट के गेस्टहाउस में काम करते थे। जिनकी छटनी हो चुकी है।

मंदिर पर मंदी की मार!

देश में बालाजी मंदिर मंदिर की गिनती अमीर मंदिरों में होती है। जिनके पास सोने का भंडार है और इसी सोने को लेकर भी सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्र सरकार से कोरोना संकट में देश के सभी धार्मिक ट्रस्टों में रखे सोने के भंडार का इस्तेमाल करने के लिए कहा है।

मंदिर के सोने पर सियास!

चव्हाण ने ट्वीट करते हुए कहा ”देश के सभी धार्मिक ट्रस्टों में रखे सोने की कीमत World Gold CLC के अनुसार कम से कम $1 ट्रिलियन है। सरकार को इस सोने का तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए। इस आपातकालीन स्थिति में सोने को कम ब्याज दर पर सोने के बॉन्ड के माध्यम से उधार लिया जा सकता है।”

चव्हाण पर बीजेपी का पलटवार

पृथ्वीराज चौहाण का ट्वीट सामने आया तो बीजेपी ने भी पलटवार किया। बीजेपी नेता किरिट सोमैया ने भी ट्वीट किया और लिखा, ”पृथ्वीराज चव्हाण ने मांग की है कि सरकार को मंदिरों में रखे सोने का संकट के समय इस्तेमाल करना चाहिए। मैं पृथ्वीराज चव्हाण से पूछना चाहता हूं कि क्या सोनिया गांधी ने आपसे ये मांग करने के लिए कहा है? क्या यह कांग्रेस का रुख है? क्या यह मांग कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की है?

हालांकि मामले ने जब तूल पकड़ा और मंदिर का सोना लेने पर बवाल बढ़ा तो पृथ्वीराज चौहान सफाई देने सामने आए। चौहान ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। देश के मंदिरों में सोने पर छिड़ी इस सियासत के पीछे की वजह भी आपको बताते हैं। दरअसल देश के बड़े मंदिरों में दान का काफी सोना और पुराना खजाना होने की बातें सामने आती रही हैं।

किस मंदिर में कितना सोना ?

  • आंध्र प्रदेश     तिरुपति मंदिर         9,000 किलो
  • केरल          पद्मनाभस्वामी मंदिर     1300 टन  
  • मुंबई           सिद्धिविनायक मंदिर     160 टन
  • शिरडी         साईं बाबा मंदिर           360 किलो
  • गुजरात        सोमनाथ मंदिर             35 किलो

लॉकडाउन की वजह से देश के आर्थिक हालात भी धीमे है। सरकार लगातार उसे पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस आपातकाल में मंदिरों की दशा और मंदिरों के सोने पर सियासत हैरान करने वाली है।

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