दिल्ली दंगा: IB कर्मचारी की हत्या पर खौफनाक खुलासा, 6 लोगों ने धर्म देख कर अंकित की हत्या की?

दिल्ली के दंगे में आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की हत्या को लेकर बेहद डरावने खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने जिन आरोपियों को पकड़ा है उनमें से एक सलमान ने जो राज़ उगले हैं उसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पुलिस के हाथ अब वो सबूत भी मिल रहे हैं जिससे साबित हो रहा है कि 6 लोगों ने मिलकर कैसे अंकित शर्मा की हत्या की थी।
दिल्ली दंगे में आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की वीभत्स हत्या करने वाले अब पुलिस की गिरफ़्त में खौफनाक राज़ उगल रहे हैं। जिन खुलासों को सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी वो राज इस आरोपी ने खोला है जिसका नाम है

सलमान उर्फ़ हसीन उर्फ़ नन्हे उर्फ मुल्ला

सलमान नाम के आरोपी ने पुलिस के सामने जो खुलासे किये हैं वो बेहद ख़ौफ़नाक हैं। आरोपी सलमान के मुताबिक वो अलीगढ़ का रहने वाला है और वो उत्तर पूर्वी दिल्ली के सुंदरनगर में रहता था। 23 फरवरी को वो पुरानी दिल्ली में ईदगाह की जमात में शामिल हुआ था जब दोपहर में इस पता चला कि दिल्ली में दंगे हो रहे हैं तो 24 फरवरी को सलमान को व्हाट्सएप पर खजूरी खास पहुंचने को कहा गया। वहां पहुंचने पर इसका ठिकाना भी चांदबाग में ताहिर हुसैन का मकान बना।
तब तक ताहिर की बिल्डिंग में दर्जनों दंगाइयों का ठिकाना बन चुका था। दंगाई इमारत की छत से पत्थरबाज़ी कर रहे थे। पेट्रोल बम फेंक रहे थे। तभी 25 फरवरी को अंकित शर्मा इन दंगाइयों की चपेट में आ गया.

उस दिन क्या हुआ

क़त्ल के आरोपी सलमान के बयान की पुष्टि घटना के चश्मदीद का बयान भी करता है। जिसके आंखों के सामने अंकित को ताहिर की बिल्डिंग में ले जाया गया था। पुलिस की मौजूदा पूछताछ के मुताबिक अब तक जो खुलासे हुए हैं और जो सबूत पुलिस ने इकट्ठा किये हैं उससे जाहिर होता है कि

((अंकित और सलमान की फोटो))

अंकित की हत्या ताहिर के घऱ में की गई
अंकित को हिंदू जानकर ही मारा गया
अंकित के क़त्ल में 6 क़ातिल शामिल थे
अंकित के शरीर पर सैकड़ों चाकू मारे गए

सलमान नाम के कत्ल के आरोपी ने बताया है कि अंकित के क़त्ल की बात फोन से अपने भाई और भाभी को भी बताई थी। सलमान के खुलासे के बाद अब पुलिस ने वो सारे सबूत जुटाने शुरू कर दिये हैं जिसमें दंगे के पीछे की साज़िश के कई खुलासे भी हो रहे हैं।


मोबाइल खोलेगा दिल्ली दंगों की साज़िश, नहीं बचेंगे एक भी गुनहगार

दिल्ली दंगों पर पुलिस एक्शन में है। हिंसा के दौरान मौत का खेल खेलने वाली  भीड़ के एक एक उपद्रवी को पुलिस खोज निकालेगी। भीड़ को किसने उकसाया। किसकी साजिश से दिल्ली की सड़कों पर भीड़ उग्र हो गई। किसके कहने पर दंगाई मरने और मारने पर उतारु हो गए। हर राज़ से पर्दा उठेगा क्योंकि पुलिस को एक एक दंगाई का सुराग मिल गया है।

अंकित के कातिलों के बारे में पुलिस पुख्ता सूबत मोबाइल फोन डिटेल्स और फेस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर से जुटा रही है…खासकर आरोपियों के मोबाइल से पुलिस को बेहद अहम जानकारियां मिल रही हैं…हालांकि कई मोबाइल्स में डेटा डिलीट किये गए लेकिन पुलिस उसके लिए फॉरेन्सिक एक्सपर्ट से भी मदद ले रही है।

मोबाइल खोलेगा दंगों के राज़

हिंसा के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुलफाम और तनवीर नाम के दो आरोपी को पकड़ा गया है। दोनों के पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सभी मोबाइल को फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीम उपद्रवियों का पता लगाएगी। इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस हिंसा में शामिल आरोपियों के साथ साथ इलाके के नामी क्रिमिनल्स के भी मोबाइल को जब्त किया है। पुलिस ने इन सभी मोबाइल को जांच के लिए भेजा है।

इन तमाम मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है। जिससे ये पता लगाया जाएगा कि कैसे हिंसा की प्लानिंग की गईष पुलिस जब्त मोबाइल से ये पता लगाएगी कि कैसे व्हाट्सएप ग्रुप, फोन कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप मेसजे के जरीए हिंसा में शामिल होने के लिए बाकी उपद्रवियों को उकसाया गया हिंसा में शामिल होने के लिए कैसे लोगों को फोन करके इलाके में बुलाया गया। बताया जा रहा है कि जो फोन पुलिस ने जब्त किए हैं वो जांच में अहम कड़ी साबित होंगे। फेस रिकॉग्निशन सिस्टम का भी सहारा लिया जा रहा है। दिल्ली हिंसा पर क्राइम ब्रांच की टीम और SIT साजिश का सच जानने में जुटी है


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