कोरोना रिटर्न्स इन चाइना, क्या है संक्रमण के सिर उठाने का कारण ?

दुनियाभर में कोरोना की मौत लीला जारी है। करीब एक लाख बीस हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच चीन ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। वुहान में जिंदगी पटरी पर लौटने का दावा कर रहे चीन में फिर से कोरोना फैलने लगा हैं । लोगों फिर से दहशत में हैं । कुछ समझ नहीं पा रहे हैं, आखिरकार महामारी की महामुसीबत कैसे लौट आई हैं ? आइए जानने की कोशिश करते हैं ‘कोरोना रिटर्न्स इन चाइना’  की असली वजह ?

COVID-19 का इंफेक्शन झेलने वाले चीन की परेशानी अभी तक खत्म नहीं हुई है, क्योंकि अब यहां के एक और प्रांत में वुहान जैसे हालात देखे जा रहे हैं। उत्तरी चीन के इस शहर का नाम है हेलोनजियांग । इस प्रांत में अब तक 400 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनके अलावा ऐसे मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है जिनमें मरीज में लक्ष्ण ही नहीं होते हैं। ऐसे में यहां हजारों हॉस्पिटल बेड्स तैयार किए जा रहे हैं।

चीन का कोरोना पर नया पैंतरा

चीन के हेलोनजियांग प्रांत में कोरोना के लौटने के साथ ही सुइफिन शहर को 7 अप्रैल को लॉकडाउन कर दिया गया था। चीन का आरोप है कि सभी कोरोना संक्रमित रूस से आए हैं क्योंकि हेलोनजियांग का बोर्डर रूस से जुड़ा है । इस बीच रूस आने-जाने के हवाई रास्ते पर तो रोक लगा दी गई है लेकिन सड़कें अभी तक खुली हैं। इसके चलते रूस से लोग अभी भी चीन में बिना रोक-टोक  आ रहे हैं । हेलोनजियांग में पाए गए करीब 80 नए मामले ऐसे लोगों के थे जो रूस से वापस लौटे थे। इससे पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो 27 मार्च से लेकर 9 अप्रैल तक करीब 100 केस विदेश से आए लोगों के थे जबकि करीब 150 ऐसे लोगों के थे जिनमें लक्षण नहीं दिखा । वहीं चीन का दावा है कि इस दौरान महज 3 लोकल लोगों में कोरोना का संक्रमण देखा गया ।

फिर कोरोना से जंग में जुटा चीन

चीन के प्रशासन का कहना है कि सुइफिन में 600 बेड का अस्थाई हॉस्पीटल तैयार किया जा रहा है। करीब 70,000 लोगों को लॉकडाउन में रखा गया है। हर घर से सिर्फ एक शख्स को 3-3 दिन पर घर से बाहर जरूरी सामान लाने के लिए जाने की इजाजत दी जा रही है। चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक हेलोनजियांग में दूसरी जगहों पर करीब 4,000 बेड के अस्पताल बनाए का प्लान है। इसके अलावा करीब 1,100 सदस्यों वाली एक मेडिकल टीम तैयार की जा रही है। जिससे की महामारी फैलने से पहले उस पर काबू पाया जा सके ।

यूएस ने किया खतरे से आगाह ​

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्ट रॉबर्ट रेडफील्ड के मुताबिक इन्फेक्शन के शिकार हुए करीब 25 फीसदी केसों में कोई लक्ष्ण नहीं दिखता है । ऐसे मामलों में इन्फेक्शन फैलने के 48 घंटे बाद लक्ष्ण दिखने शुरू होते है । यहां तक कि ठीक होने के बाद भी लोग पॉजिटिव टेस्ट किए गए हैं। चीन ने हालिया आंकड़ा जारी करते हुए ऐसे मामलों को शामिल नहीं किया था जिनमें लक्षण नहीं देखे गए।

कोरोना मामले में चीन पर गंभीर आरोप हेलोनजियांग के लोकल लोगों का आरोप है कि प्रशासन असल हालात पर पर्दा डालने के लिए ऐसा कह रहा है कि अब सामने आ रहे केस दूसरे देशों से आ रहे हैं। वहीं आपको बता दे कि चीन में कोरोना से अब तक 3341 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 89 नए मामले सामने आए हैं । चीन में 82249 लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे । जिसमे से 77,738 लोग ठीक हो चुके हैं।

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