दिल्ली दंगा: अमित शाह ने कहा दोषियों को नहीं बख्शेंगे, दंगा हमारी फितरत में नहीं

राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली की हिंसा पर जवाब देते हुए दो टूट शब्दों में कहा कि दिल्ली हिंसा में पीड़ित किसी भी व्यक्ति के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जाएगा और दंगा करने वाला व्यक्ति किसी भी धर्म या पार्टी का होगा, उसको नहीं छोड़ा जाएगा।

अमित शाह ने राज्यसभा में दिल्ली के कुछ हिस्सों में हाल की कानून और व्यवस्था की स्थिति पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार दंगों से जुड़े मामलों की साइंटिफिक और अथेंटिक तरीके से जांच कर रही है। मामलों की तेजी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दंगा करने वाला व्यक्ति किसी भी पक्ष, किसी धर्म, किसी पार्टी या किसी जाति का हो, उसको छोड़ा नहीं जाएगा एवं किसी के साथ कोई पक्षपात या भेदभाव नहीं किया जाएगा।

अमित शाह ने साफ कहा कि दंगा करना उनकी पार्टी की फितरत नहीं है। शाह ने कहा कि देश में 76 फीसदी दंगे कांग्रेस शासन के दौरान हुए। हमारी सरकार में सिर्फ गुजरात में दंगे हुए।

शाह ने किया दिल्ली पुलिस का बचाव

वहीं कांग्रेस की ओर से कपिल सिब्बल ने मोर्चा संभाला और सीधे गृहमंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने जो सुस्ती दिखाई वो बिना गृहमंत्री के इजाजत मुमकिन नहीं। सिब्बल ने कहा कि गृहमंत्री ने दंगा रोकने के लिए कुछ नहीं किया। इस पर शाह ने तल्ख तेवर दिखाते हुए दिल्ली पुलिस का पूरजोर बचाव किया और कहा दंगों के बाद 700 से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, पुलिस ने किसी को भी मना नहीं किया। इतना ही नहीं पुलिस ने 2647 लोगों को हिरासत में लिया। शाह ने कहा कि 12 थानों के लिए स्पेशल प्रोसक्यूटर नियुक्त किए गए हैं।

गृहमंत्री अमित शाह कहा कि अब तक दंगे में शामिल 1922 चेहरों की पहचान कर ली गई है। गृहमंत्री अमित शाह कहा ने कहा कि 24 फरवरी को ही उत्तर प्रदेश की सीमा को सील कर दिया गया था। गृहमंत्री ने कहा कि 50 गंभीर मामलों की जांच तीन SIT करेगी।

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