लॉकडाउन में बेबसी की दर्दनाक तस्वीर, बैल बनकर गाड़ी खींचता दिखा शख्स

कंधे पर छोटे बच्चे, दोनों हाथों मे बैग और सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर, सड़क पर चलती महिला को सड़क पर ही प्रसव पीड़ा और बच्चे को जन्म देने के एक घंटे के भीतर ही नवजात के साथ सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर, अभी तक आपने लॉकडाउन में गरीबी और लाचारी के ऐसे कई किस्से देखे सुने, लेकिन इसी लॉकडाउन में अब गरीबी और बेबसी की एक ऐसी तस्वीर भी आई है जिस ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.

लाचारी की ऐसी तस्वीर जिसे देख कलेजा पसीज जाए

इस तस्वीर में एक मजबूर इंसान के जानवर बनने की कहानी छिपी है. मध्यप्रदेश में तंगहाली का शिकार एक शख्स बैल बनकर नेशनल हाईवे पर गाड़ी को खींचता नजर आया ताकि वो किसी तरह अपने परिवार के साथ सुरक्षित अपने गांव तक पहुंचा सके.

बैल की जगह गाड़ी में जुता इंसान

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक शख्स एक बैल के साथ जुतकर दूसरे बैल की कमी को पूरा कर रहा है और बैलगाड़ी को खींच रहा है. ये वीडियो एमपी के इंदौर जिले से होकर गुजरने वाले एनएच 3 का है जो आगरा से मुंबई को जोड़ता है. वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बैलगाड़ी धीमी चाल से चल रही है जिसे एक शख्स और बैल धीरे-धीरे खींच रहे हैं. इस वीडियो को एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से भी ट्वीट किया गया है.

बैलगाड़ी पर गृहस्थी

इस बैलगाड़ी पर महिला समेत कुछ और बैठे हैं साथ ही बैलगाड़ी पर घर गृहस्थी का सामान भी लदा हुआ है. बताया जा रहा है कि बैल के साथ जुते व्यक्ति का नाम राहुल है दरअसल महू में मेहनत मजदूरी करके पेट पालने वाले इस परिवार का लॉकडाउन के कारण रोटी रोजगार सब बंद हो गया और इन लोगों के पास अगर कुछ बचा तो वो थी भूख और घर लौटने की उम्मीद. बस इसी उम्मीद के सहारे ये परिवार एक सफर पर निकल पड़ा और लाचारगी की ये तस्वीरें देश के सामने आ गई.

ये है पूरी कहानी

जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन में इस परिवार के पास जो कुछ था वो सब खत्म हो गया. बस बचा तो दो बैल जिसके बाद परिवार ने महू से अपने घर इंदौर के पत्थर मुंडला आने का फैसला किया. लेकिन अपनी भूख मिटाने के लिए मजबूरी में एक बैल को 15000 की जगह 5000 रुपए में बेचना पड़ा. इसीलिए घर लौटने के दौरान बैल की जगह परिवार का एक एक सदस्य बारी बारी से बैलगाड़ी मे जुतता रहा और मंजिल की तरफ बढ़ता रहा.

वीडियो वायरल होने पर जागी सरकार

इस वीडियो के वायरल होने पर अब प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है और अधिकारियों ने इस मामले की पूरी सच्चाई का पता लगाकर मजबूर परिवार को मदद देने का भरोसा दिया है. लेकिन ये तस्वीर सिस्टम पर सवाल खड़े करती है सरकारें भले ही मजदूरों की भलाई के लिए लाखों करोड़ों के पैकेज देने का ऐलान करके वाहवाही लूटने की कोशिश करती हों लेकिन उनके ये दावे इन तस्वीरों के सामने आने के बाद खुद ब खुद दम तोड़ते नजर आते हैं.

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