‘मैं आज आजाद हूं’ रिहाई के बाद बोले फारूक अब्दुल्ला

जूम्मे पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला रिहा हो गए। रिहा होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं आजाद हूं। फारूक 4 अगस्त की रात को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले हिरासत में लिए गए थे। वे करीब साढे सात महीने नजरबंद रहे।

अगले ही दिन यानी 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया गया था। 15 सितंबर से उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया था। उनकी हिरासत अवधि तीन-तीन महीने बढ़ाने के आदेश तीन बार जारी हुए। पिछला आदेश 11 मार्च को ही जारी हुआ था। जिसे सरकार ने वापस ले लिया है।

82 वर्षीय फारुक अब्दुल्ला के साथ दो और पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को भी अलग-अलग जगहों पर हिरासत में रखा गया था। इसी मसले पर फारुक ने कहा कि मैं आजाद हूं लेकिन उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बिना ये आजादी अधूरी है। उन्होंने कहा कि अब वे संसद में लोगों की आवाज उठाएंगे।

फारुक के वर्ताव पर उमर और महबूबा की रिहाई संभव

ऐसा माना माना जा रहा है कि सरकार फारुक अब्दुल्ला की रिहाई से घाटी पर पड़ने वाले असर को देखना चाहती है। इसके बाद ही उमर अब्दुल्ला और महबूबा की रिहाई पर सरकार कोई फैसला लेगी।

रिहाई की दुआ करने वालों का शुक्रिया- फारूक

रिहाई के बाद फारूक ने अपने घर पर मीडिया को बुलाया। उन्होंने उम्मीद जताया कि भारत सरकार अब उन सभी को रिहा करेगी, जिन्हें राजनीतिक हिरासत में लिया गया था। मैं उन सभी का शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने मेरी रिहाई के लिए दुआएं की हैं।

विपक्ष ने रिहाई की मांग की थी

9 मार्च को 8 विपक्षी पार्टियों ने केंद्र से मांग की थी कि जम्मू-कश्मीर के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को तत्काल रिहा किया जाए। विपक्षी नेताओं ने कहा कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं कि इन लोगों की गतिविधियों ने राष्ट्रीय हितों को खतरे में डाला हो।

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