अंतरिक्ष में टुकड़े-टुकड़े हुआ रूस का रॉकेट, कई सैटेलाइट्स पर मंडराया ख़तरा

रूस का एक रॉकेट फ्रेगैट-एसबी अंतरिक्ष में ही टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर गया है. रॉकेट का ऊपरी हिस्सा स्पेस में ही फटने के बाद करीब 65 टुकड़ों में टूट गया है. ये घटना हिंद महासागर के ऊपर हुई है रॉकेट के कुछ टुकड़े हिंद महासागर में भी गिरे हैं. जिनकी तलाश अमेरिकी सेना कर रही है.

पृथ्वी की कक्षा में फैला कचरा

रॉकेट टूटने के बाद इससे निकला कचरा पृथ्वी की कक्षा में फैल गया है. मॉस्को टाइम्स के मुताबिक 8 मई से ही रॉकेट के करीब 65 टुकड़े पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए उपग्रहों के लिए बड़ा खतरा बनकर मंडरा रहे हैं. बताया जा रहा है कि 8 मई को भारतीय समय के मुताबिक सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे के बीच ये रॉकेट हिंद महासागर के ऊपर ही कहीं टूटा.

अमरिका ने की पुष्टि

अमेरिका के यूएस 18 स्पेस कंट्रोल स्कवॉड्रन ने रुसी रॉकेट के टूटने की खबर पर मुहर लगाई है इसने कहा है कि रॉकेट टूटने के बाद उसके 65 टुकड़े देखे गए हैं अमरिकी एजेंसी इन 65 टुकड़ों की दिशा और रफ्तार को ट्रैक कर रहे हैं. ताकि अगर उन टुकड़ों से उनके सैटेलाइट को खतरा हो तो वो उसकी दिशा बदल सकें.

साल 2011 में लॉन्च हुआ था

आपको बता दें कि साल 2011 में रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने इस रॉकेट के जरिए स्पेक्टर-आर सैटेलाइट को लॉन्च किया था। इसके बाद से ये रॉकेट स्‍पेस में ही चक्‍कर लगा रहा था। लेकिन 2019 में इससे संपर्क पूरी तरह से टूट गया था। इसके बाद इसकी तलाश की जा रही थी। लेकिन अब इसके स्पेस में टूटकर बिखरने की खबरें आई हैं.

पृथ्वी की कक्षा मे 5 हजार उपग्रह

यूरोपियन एजेसी के मुताबिक साल 1957 से अभी तक 5450 रॉकेट अंतरिक्ष में छोड़े गए हैं जिनसे 8950 उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किए गए हैं. इनमें से इस वक्त 5000 सैटेलाइट अब भी अंतरिक्ष में मौजूद हैं और 1950 सैटेलाइट्स अब भी काम कर रहे हैं.

धरती की कक्षा में करीब सवा दो लाख टुकड़े

जानकारी के मुताबिक धरती की कक्षा में वैज्ञानिकों ने करीब सवा दो लाख कचरे के टुकड़ों का पता लगाया है और इन कचरों की आपस में या फिर किसी सैटेलाइट से करीब 500 बार टक्कर हो चुकी है. दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां इस कोशिश में हैं कि किसी तरह स्पेस से इस कचरे को साफ किया जाए. ताकि भविष्य के मिशन पर खतरा ना हो.

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