LAC पर सातवें आसमान को छू रहा टेंशन, सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर खड़े हैं भारत-चीन के सैनिक

इतिहास गवाह है कि धोखेबाज चीन पर भरोसा नहीं कर सकते । चीन बातचीत शांति के लिए नहीं करता। वो धोखे की आड़ में जमीन हथियाने की साजिश करता है । जब मॉस्को में चीन के विदेश मंत्री भारत के विदेश मंत्री के साथ डिसइनगेजमेंट पर चर्चा कर रहे थे । लद्दाख में एलएसी पर चीन की आर्मी षडयंत्रों का जाल बुन रही थी । जानकार सवाल पूछ रहे हैं कि जब भारत-चीन के सैनिक 500 मीटर की दूरी पर खड़े हैं तो चीन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है ?

भारत-चीन के सैनिक 500 मीटर की दूरी पर खड़े हैं

बॉर्डर पर पैंगोंग त्सो इलाके में चीन की आर्मी लगातार आक्रामक रुख अपना रही है । 29-30 अगस्त को पैगोंग त्सो के दक्षिण में भारतीय सेना की कार्रवाई से बौखलाई चीन की आर्मी…लगातार तनाव को बढ़ा रही है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिंगर-4 इलाके में चीन ने 2000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है जवाब देने के लिए भारतीय फौज को भी कदम उठाने पड़े । इस इलाके में भारत-चीन की सेना 500 मीटर की दूरी पर हैं।

बात की आड़ में घात की तैयारी!

जानकारों का कहना है कि वांग यी ही थे जिनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बातचीत की थी । दोनों तरफ से डिसइनगेजमेंट पर सहमति बनी थी । लेकिन वक्त का फायदा उठाते हुए चीन की आर्मी ने देपसांग में साजिश रच दी । चीन का जो इतिहास रहा है। उससे भारत-चीन के बीच पांच बिन्दुओं पर हुई सहमति पर सवाल उठ रहे हैं ।

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