ICMR ने भारत में कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को नकारा, देश में 0.73% आबादी ही कोरोना संक्रमित

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। अमेरिका जैसे ताकतवर और आधुनिक सुविधाओं से लैस देश ने भी कोरोना के आगे सरेंडर कर दिया है। ऐसे मुश्किल हालात के बीच भी भारत कोरोना वायरस से डट कर लड़ रहा है। यही वजह है कि आज भारत में अब तक एक प्रतिशत आबादी भी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुई है।

भारत में कोरोना मृत्यु दर सबसे कम

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक अच्छी बात ये है कि देश में COVID-19 मरीजों की मृत्यु दर भी दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले कम है। यहीं नहीं दिल्ली सरकार के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका को भी ICMR ने सिरे से खारिज कर दिया है।

भारत में नहीं है कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि देश में कोरोना महामारी अभी सामुदायिक स्तर पर संक्रमण के चरण में नहीं है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों और शहरी झुग्गी बस्तियों में संक्रमण का खतरा अधिक है।

देश की महज 0.73 आबादी कोरोना संक्रमित

ICMR के मुताबिक राहत की बात ये है कि देश में कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर भी दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले कम है। आईसीएमआर के मुताबिक भारत के 83 जिलों में महज 0.73% आबादी ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुई है। लिहाजा भारत में प्रति लाख आबादी के हिसाब से COVID-19 मरीजों की तादाद और मृत्यु की दर दुनिया में सबसे कम है। हालांकि ICMR ने ये भी कहा कि हमारी बड़ी आबादी अब भी खतरे में है, इसलिए संक्रमण तेजी से फैल सकता है। 

 ICMR ने सिरो-सर्वे की रिपोर्ट का हवाला दिया

सर्वे के लिए देश के 83 जिलों और 26,400 लोगों को शामिल किया गया। जिसमें ऐसे लोगों के खून के नमूनों की जांच की गई, जो कोरोना से संक्रमित नहीं हुए थे। सर्वे दो स्तरों पर किया गया। पहले स्तर में इनमें कोरोना के संक्रमण से बचे हुए और उससे प्रभावित दोनों तरह के जिलों को लिया गया। जिसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। दूसरे स्तर पर कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित कंटेनमेंट इलाकों से नमूने लिए जा रहे हैं और ये प्रक्रिया अभी भी जारी है। जाहिर है सिरो-सर्वे की रिपोर्ट कंटेनमेंट एरिया से बाहर से इलाकों पर आधारित है। सर्वे में पाया गया कि 83 जिलों में 0.73% लोगों में संक्रमण के सबूत मिले। 

गांवों की तुलना में शहरों में ज्यादा खतरा

देश की बड़ी आबादी अब भी कोरोना वायरस के खतरे में है, इसलिए संक्रमण देश के कई हिस्‍सों में तेजी से फैल सकता है। ICMR की ओर से कहा गया कि शहरों में गांवों की तुलना में ज्यादा मामले पाए जा रहे हैं। शहरों के झुग्गी बस्तियों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसे में हमें इलाज और दवाइयों के इतर बचाव की सारी सावधानियां बरतने पर जोर देना होगा। राज्य सरकारों को स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में संक्रमण का स्तर बहुत ज्यादा पाया गया है। 

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