दिल्ली में बार बार भूंकप के झटके, कहीं बड़े खतरे की आहट तो नहीं

दिल्ली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए । रिक्टर स्केल पर भूंकप की तीव्रता 3.4 आंकी गई है । नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक दोपहर एक बजकर 14 मिनट पर धरती अचानक हिल गई । भूकंप के झटके दिल्ली- एनसीआर में महसूस किए गए । कोरोना काल में सहमे लोग घरों से बाहर नहीं निकले लेकिन बार-बार दिल्ली में भूंकप आने से लोग अंदर से हिल गए है । बार-बार भूंकप का आना किसी बड़े संकट की आहट तो नहीं है ।

भूकंप का इपिसेंटर घरती में 5 किलोमीटर की गहराई में था । नेशनल अर्थक्वेक सेंटर के मुताबिक कहीं से जानमाल के नुकसान की खबर नहीं हैं क्योंकि भूकंप की तीव्रता काफी कम थी । देखें तो करीब एक महीने में तीसरी बार भूकंप आया हैं।

रविवार और भूकंप का संयोग

आज रविवार है। 12 अप्रैल को भी पहली बार भूकंप आया था तो रविवार ही था। तीन में से दो बार धरती हिली तो दिन रविवार ही रहा है। जबकि एक बार सोमवार को भूकंप आया। वाकई यह चिंता का विषय है। लोग प्रकृति के इस प्रकोप को समझ नहीं पा रहे हैं।कोरोना से बेहाल लोग यह सोच रहे हैं कि भगवान कैसी परीक्षा ले रहे हैं । एक और महामारी और दूसरी और जमीन का हिलना ।

29 दिन और 3 हल्के झटके

आइए एक नजर डालते हैं कि करीब एक महीने में कब धरती हिली है। इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में 12 अप्रैल और 13 अप्रैल को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 12 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में शाम 5.45 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। तब इसकी तीव्रता 3.5 दर्ज की गई है। वहीं 13 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई थी। 10 मई यानी आज 3.4 थी।

दिल्ली-एनसीआर की खुशकिस्मती

आम तौर पर भूकंप की तीव्रता 5 से ज्यादा होने पर काफी नुकसान का खतरा रहता है लेकिन कोरोना काल में दिल्ली की खुशकिस्मती रही की भूकंप की तीव्रता 3.4 थी । दरअसल दिल्ली-एनसीआर अरावली रेंज में स्थित है । इसलिए दिल्ली-एनसीआर में इस तरह के भूकंप के झटके पिछले कई साल से आते रहे हैं। लेकिन राहत की बात ये है कि भूकंप की तीव्रता 4 से नीचे या उसके आस पास रहती है।

दिल्ली में भूकंप की वजह

भूकंप के लिहाज से राजधानी दिल्ली एक्टिव जोन माना जाता है। यह अरावली पर्वत रेंज पर स्थिति है। इसके आलावा सिस्मोलाजिकल रिसर्च में कहा गया है कि भूंकप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके साथ उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं।

भूकंप के खतरनाक जोन में दिल्ली

हम आपको बता दें कि भूकंप के लिहाज से पूरे देश को 4 सिस्मिक जोन में बांटा गया है । जिसे जोन 2, 3, 4 व 5 आते हैं। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों को जोन 4 में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के स्टडीज के मुताबिक सबसे घातक जोन 4 और 5 होते हैं। इस जोन में तेज भूकंप की संभावना रहती है । इसलिए यह अधिक तबाही के खतरे वाला क्षेत्र कहा जाता है। इसी जोन में हरियाणा का गुड़गांव और फरीदाबाद भी आता हैं।
इसके साथ नेशनल अर्थक्वेक सेंटर का मानना है कि दिल्ली एनसीआर में तीन फॉल्ट लाइन हैं।दिल्ली-एनसीआर में जमीन के नीचे दिल्ली-मुरादाबाद फॉल्ट लाइन, मथुरा फॉल्ट लाइन और सोहना फॉल्ट लाइन मौजूद है। वैसे दिल्ली इन इलाकों में यमुना तट के करीबी इलाके शाहदरा, मयूर विहार और लक्ष्मी नगर हैं। इसके साथ ही चिंता की बात यह भी है कि पूर्वी दिल्ली का इलाका यमुना खादर में बसा हुआ है। जहां मिट्टी पोरस है। नुकसान का ज्यादा अंदेशा है।

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